रतलाम POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म और होटल में पनाह देने वाले दोनों आरोपियों को 20-20 साल की सजा
रतलाम, 31जुलाई(इ खबर टुडे)। रतलाम के विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) के न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और अपराध में सहयोग करने के मामले में एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अदालत ने जयपुर निवासी ऑटो चालक तय्यूब खां और होटल संचालक विकास जैन दोनों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
उपनिदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार के अनुसार, घटना 9 अगस्त 2024 की है। पीड़िता की मां ने रतलाम थाने में अपनी नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान पीड़िता को दस्तयाब किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि पीड़िता एक विधि विरुद्ध बालक के साथ जयपुर पहुंची थी। जयपुर रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालक तय्यूब खां (पिता अब्दुल हफीज खां, उम्र 20 वर्ष, निवासी हसनपुरा, जयपुर) ने उन्हें डरा-धमकाकर अपने ऑटो में बैठा लिया और रास्ते में बालक को नीचे उतार दिया। इसके बाद आरोपी तय्यूब नाबालिग को एक होटल में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
होटल संचालक की लापरवाही और मिलीभगत
मामले में होटल संचालक विकास जैन (पिता सागरमल जैन, उम्र 24 वर्ष, निवासी बनी पार्क, जयपुर) ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी पहचान पत्र (ID) और बिना रजिस्टर में प्रविष्टि किए आरोपी को कमरा उपलब्ध कराया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया।
वैज्ञानिक व दस्तावेजी साक्ष्यों ने दिलाई सजा
विशेष लोक अभियोजक श्रीमती दीप्ति कनासे द्वारा शासन की ओर से सशक्त पैरवी की गई। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत वैज्ञानिक, दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए न्यायालय ने निर्णय दिनांक 29 जुलाई 2026 (प्रकरण क्रमांक 75/2024) में दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 87 एवं 127(2) पॉक्सो एक्ट 2012, धारा 5(एल)/6 एवं धारा 16/17 के तहत 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

