रतलाम सराफा कारोबारी फायरिंग कांड में बड़ी सफलता: 40 लाख की सुपारी देकर बुना गया था दहशत का जाल, मास्टरमाइंड सहित दो गिरफ्तार
रतलाम, 11 जुलाई (इ खबर टुडे)। शहर के बहुचर्चित सराफा कारोबारी फायरिंग कांड में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। कारोबारी के घर पर सरेआम दहशत फैलाने के उद्देश्य से कराई गई फायरिंग का मुख्य मास्टरमाइंड विनोद उर्फ वीनू शर्मा और उसका प्रमुख साथी अजय यादव आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा इन दोनों ही कुख्यात आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। पुलिस की सघन जांच और पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसके तहत 1 करोड़ रुपये की मोटी रकम की वसूली कराने के लिए 40 लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी देकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिलाया गया था।
उल्लेखनीय है कि गत 19 जून की दोपहर को डीडी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सैफी नगर स्थित प्रसिद्ध सराफा व्यापारी कमल जैन के निवास स्थान पर दो बाइकों पर सवार होकर पहुंचे चार बेखौफ बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली खिड़की के कांच को चीरते हुए सीधे घर के अंदर जा घुसी थी। घटना के वक्त जिस स्थान पर गोली लगी, उससे महज कुछ ही दूरी पर व्यापारी की पत्नी सो रही थीं। गनीमत यह रही कि वे इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गईं, अन्यथा एक बहुत बड़ा और दर्दनाक हादसा घटित हो सकता था।
करोड़ों के शेयर मार्केट और MCX लेनदेन से जुड़ा है विवाद
इस सनसनीखेज घटना के तुरंत बाद पीड़ित व्यापारी कमल जैन ने बजरंग दल के पूर्व पदाधिकारी विनोद उर्फ वीनू शर्मा पर जान से मारने की धमकी देने और घर पर फायरिंग करवाने का सीधा आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। जब पुलिस ने इस मामले की जांच को आगे बढ़ाया, तो परत-दर-परत मामला शेयर मार्केट और एमसीएक्स (MCX) के करोड़ों रुपये के आपसी लेनदेन के विवाद से जुड़ा हुआ सामने आया। जांच में पता चला कि सराफा व्यापारी कमल जैन के बेटे दिव्यांश जैन और सरवन के रसूखदार सराफा कारोबारी आदित्य सोमानी के बीच काफी समय से एक बड़ा आर्थिक विवाद चल रहा था।
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस फायरिंग की घटना से ठीक एक दिन पहले ही पीड़ित कमल जैन ने सरवन थाने में आरोपी आदित्य सोमानी के खिलाफ 1 करोड़ रुपये की अवैध वसूली के लिए लगातार धमकाने का एक मामला दर्ज कराया था। इसके अगले ही दिन उनके घर पर दहशत फैलाने के लिए गोलियां चला दी गईं।
घेराबंदी के दौरान भागने का प्रयास, आरोपी हुए चोटिल
गिरफ्तारी के बाद की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी वीनू शर्मा ने पुलिस के सामने कबूल किया कि आदित्य सोमानी ने दिव्यांश जैन से 1 करोड़ रुपये की वसूली करवाने के लिए उसे 40 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसके बाद दहशत फैलाने के उद्देश्य से यह फायरिंग कराई गई। मामले में पूर्व में आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके है। दो आरोपी वसीम पांडु और अदनान अभी भी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वीनू शर्मा और अजय यादव को सागोद और मोरवनी के बीच निर्माणाधीन पुल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। इस दौरान दोनों ही शातिर आरोपियों ने पुलिस को चकमा देकर मौके से भागने का भरसक प्रयास किया। पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और धरपकड़ के दौरान भागने की कोशिश में एक आरोपी के पैर में और दूसरे आरोपी के हाथ में चोटें आईं। पुलिस ने आरोपी वीनू के कब्जे से एक अवैध देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे मामले में पुलिस अब तक करीब एक दर्जन से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

