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 मीडिया को अपनी मूल सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक सरोकारों के साथ कार्य करने की जरूरत

 नारद जयंती के उपलक्ष्य में वरिष्ठ पत्रकार ईश्वर शर्मा का व्याख्यान
 
 

रतलाम,14 मई (इ खबर टुडे)। रतलाम प्रेस क्लब में नारद जयंती के उपलक्ष्य में विश्व संवाद केंद्र और प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिंतक ईश्वर शर्मा ने भारतीय मीडिया में स्व का जागरण विषय पर व्याख्यान दिया। इनके साथ ही वरिष्ठ चिंतक और शिक्षाविद् डॉ मुरलीधर चांदनीवाला ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने की।


पॉवर हाउस रोड स्थित प्रेस क्लब भवन पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय मीडिया को अपनी मूल सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्रहित की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्व का बोध यानी अपने स्वाभिमान का बोध, अपने होने का बोध है। जिस भी संस्कृति, सभ्यता, समाज या व्यक्ति को अपने मूल अपनी जड़ों का ज्ञान होता है, उसमें नैसर्गिग तौर पर उसके लिए स्वाभिमान का भाव जागृत होता है। भारत लंम्बे समय तक दूसरी संस्कृतियों को मानने वाले राजाओं के अधीन रहा है। इस वक्त में स्वयं की संस्कृति, संस्कार, विचार, परिधान, भोजन तक को खत्म करके आक्रांताओं की संस्कृति हमकर धीरे-धीरे थोप दी गई। आज के युवा पिज्जा, बर्गर कल्चर और क्लब नाइट में फंस गए हैं।

समग्र चेतना के उदय से आ रहा बदलाव

परंतु पिछले कुछ सालों में दोबारा स्व का जागरण पूरे देश में लहर बनकर दौड़ा है। यही कारण है कि क्लबों मे ंजाने वाले युवा आजकर वृंदावन और मथुरा की गलियों में कृष्णलीला गाते नजर आने लगे हैं। स्वंय की भाषा, भूषा और संस्कारों पर गर्व होना चाहिए। मीडिया की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली शक्ति बन चुका है। ऐसे में पत्रकारिता में भारतीय दृष्टि, मूल्यों और नैतिकता का समावेश आवश्यक है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से तथ्यपरक, निष्पक्ष एवं समाजहित में पत्रकारिता करने का आह्वान किया।

पत्रकार और नारद केवल ज्ञानी नहीं, ऋषि

डॉ. चांदनीवाला ने कहा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऋषि नारद विश्व के पहले संवाददाता हैं। हमेशा से राष्ट्र की आजादी हो या समाज का निर्माण, बुराईयों को सामने लाना हो या लोकहित सच्चे पत्रकार ही लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं। नारद की ही तरह सच्चे पत्रकार केवल यहां से वहां खबर नहीं देते बल्कि वे हर क्षेत्र का ज्ञान रखने के साथ चिंता करते है और उनके अनुभव ही समाज को दिशा देते हैं। स्वागत भाषण देते हुए अध्यक्ष श्री गोस्वामी ने कहा कि रतलाम हमेशा से समृद्ध पत्रकारिता और साहित्य की भूमि रहा है। गर्व की बात है कि आज भी यहां की पठन-पाठन की संस्कृति जीवित है। इसके लिए रतलाम के पत्रकार लोकहित में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने रतलाम प्रेस क्लब के अनूठे आयोजनों की जानकारी भी दी।

इन्होंने किया स्वागत

इस दौरान प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, सौरभ कोठारी, कोषाध्यक्ष नीरज कुमार शुक्ला, सह सचिव हेमंत भट्ट, नीरज बरमेचा, कार्यकारिणी सदस्य दिनेश दवे, निलेश बाफना, सिकंदर पटेल, प्रदीप नागौरा, चंद्रशेखर सोलंकी, धरम वर्मा, क्लब के पूर्व अध्यक्ष दिलीप पाटनी, राजेश मूणत, राजेश जैन, पूर्व सचिव रमेश टाक, वरिष्ठ पत्रकार तुषार कोठारी, भेरूलाल टाक, आरिफ कुरैशी, केके शर्मा, असीमराज पाण्डेय, सुशील खरे आदि ने पुष्प हार, अंगवस्त्र से अतिथियों का स्वागत किया। संचालन अदिति मिश्रा ने किया। आभार उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय ने माना।