एमडी के खेल से अनजान थी कचनारा चौकी पुलिस !
लसुड़िया इला से पकड़ी एमडी फैक्ट्री, 21 किलो नशा सहित 2 आरोपी गिफ्तार, पांच दिन के रिमांड पर आरोपी
मंदसौर, 10 मई (इ खबर टुडे / आशुतोष नवाल)। दलौदा थाने के कचनारा चौकी क्षेत्र में एमडी फैक्ट्री और वहां से तस्करी का बड़ा खेल चल रहा था। पुलिस को इसकी खबर भी नहीं लगी या खबर होने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की...! खैर कोटा सीबीएन टीम को इसकी जानकारी मिली और दमदार कार्रवाई की। इधर पुलिस कप्तान विनोद कुमार मीना ने इस मामले में तुरंत एक्शन लिया और चौकी प्रभारी सहित तीन को निलंबित कर दिया है। जबकि, एक हेडसाब को लाइन हाजिर किया गया है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा राजस्थान इकाई ने मंदसौर जिले के दलौदा क्षेत्र के लसूडिया ईला गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित मेफेड्रोन बनाने की गुप्त लैब का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई 8 मई को गांव के बाहरी इलाके में की गई, जहां खेती की जमीन पर बने कमरे और आसपास के क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग तैयार की जा रही थी। सीबीएन को इस संबंध में विशेष एवं विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद चित्तौडग़ढ़- एक एवं दो डिवीजन के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई।
कड़ी निगरानी और क्षेत्र की मैपिंग के बाद टीम ने संदिग्ध लैब की पुष्टि की। क्षेत्र की संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था को देखते हुए मध्यप्रदेश यूनिट से भी सहयोग लिया गया। तलाशी के दौरान टीम ने मौके से भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की। इसमें करीब 21.189 किलोग्राम मेफेड्रोन, 0.487 किलोग्राम अफीम, लगभग 30.800 लीटर रसायन तथा ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री शामिल है।
कार्रवाई के दौरान मौके से दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीएन अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई क्षेत्र में सक्रिय संगठित नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामले में अंतरराज्यीय कनेक्शन, रसायनों के स्रोत और वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी है। दोनों आरोपियों को शनिवार को मंदसौर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सीबीएन को पांच दिन की रिमांड मिली है।
पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी...?
घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगे कि क्षेत्र में इतनी बड़ी कार्रवाई होने के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। इसके बाद पुलिस कप्तान के कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया कि पूर्व में सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी आसूचना संकलन कर अवैध मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कचनारा चौकी स्तर पर इन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित...
कप्तान द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि चौकी क्षेत्र में बाहरी एजेंसी द्वारा इतनी बड़ी कार्रवाई होना चौकी पर पदस्थ कर्मचारियों की संदिग्धता और निम्न व्यावसायिक दक्षता को दर्शाता है। इसी आधार पर कचनारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पूर्णिमा सिरोहिया, कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक यूसुफ मंसूरी और आरक्षक अर्जुन सिंह को निलंबित कर रक्षित केंद्र मंदसौर संबद्ध किया गया है। जबकि, प्रधान आरक्षक सीताराम शर्मा को लाइन भेजा है।

