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रतलाम में किसी भी नल से दूषित पानी नहीं आए,ये सुनिश्चित किया जाए- मंत्री श्री काश्यप

 

 
 

रतलाम,04 जनवरी(इ खबर टुडे)। आमजन को स्वच्छ जल प्रदाय करने हेतु राज्य सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कल ही वीडियो कांफ्रेसिंग में सख्त हिदायते दी है। जल वितरण कार्य में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल संबंधी शिकायत के लिए कलेक्टर कार्यालय से हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। 

शिकायत वाले मोहल्लो के लिए नगर निगम की 5 लोगो की मरम्मत और रखरखाव की टीम रहेगी। नालो के लिए 5 टीमें होगी, जो सुनिशिचित करेगी कि गंदा पानी वितरित नहीं हो। समस्या आने पर मरम्मत हेतु पाइप लाइन बंद कर टेंकर से पानी दिया जाएगा। जल परीक्षण की लेब में भी केमिस्ट सहित सुविधाए बढ़ेगी। रतलाम में किसी भी नल से दूषित पानी नहीं आए,ये सुनिश्चित किया जाए।

ये निर्देश शहरी क्षेत्रों मे सुरक्षित एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने दिए है। आज कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री काश्यप ने आमजन को सप्लाई किये जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित रूप से टेस्ट किट के माध्यम से जांच की जाए। पुराने एवं बार-बार लीकेज होने वाली पाइप लाइन, नालियों/सीवर पाईपलाईन के समीप अथवा नीचे से गुजरने वाली पाईपलाईनों का चिन्हांकन करवाये। चिन्हांकन मे पाये गए रिसाव का 48 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करे। शहर मे खराब पेयजल की शिकायत प्राप्त होते ही पाइपलाइन के जोड़ चेक करवायें यदि जोड़ मे लिकेज हो, तो उन्हें ठीक करवाये अन्यथा पाइपलाइन की खुदाई कर पाईपलाईन बदली जाए। जिस क्षेत्र में खुदाई का काम होना है, उस क्षेत्र में आमजन को पहले से सूचित किया जाए। काम त्वरित गति से करवायें। अनावश्यक खुदाई नही की जाये। मेप देख कर ही खुदाई करवायें, पुरानी पेयजल पाइपलाइन ठीक करते समय जब पेयजल सप्लाई रोकी जाये तो संबंधित क्षेत्र में टैन्कर से पानी उपलब्ध करवाये। 

सभी वार्ड/ मोहल्ले से पेयजल के सेम्पल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाए। पेयजल लेब पर अनुभवी टेक्नीशियन को ही पदस्थ करें, टेस्टिंग किट सभी जगह पर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होनी चाहिए। पेयजल के स्रोत के आसपास किसी भी प्रकार की गंदगी न रहे यह सुनिश्चित किया जाए। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए अधिकारी एवं संबंधित वार्ड/मोहल्ले के जनप्रतिनिधि संयुक्त निरीक्षण करें। काम करने वाली टीमों की सतत मॉनिटरिंग करें। पी एच ई विभाग पेयजल के सैंपल लेकर सतत टेस्टिंग करें। पीएचई की सैम्पल जांच की क्रॉस चेकिंग के लिए अन्य संस्थान में भी पानी की जांच करवाये। 

पेयजल समस्या के समाधान के लिए आमजन हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी करे। किसी मोहल्ले/घरों में गंदा पानी आने की शिकायत प्राप्त होते ही पेयजल से संबंधित शिकायतों का तत्काल निराकरण करे। जल आपूर्ति से संबंधित प्राप्त शिकायतों को इमरजेंसी कैटेगरी में रखा जाये। लीकेज/दूषित जल शिकायतों का 24 से 48 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाये। शहर की सभी नालियों की सफाई सुनिश्चित करें, बरसात के पानी से भरी एवं खुली नालियों की सफाई करवायें। नाली सफाई के लिए खोली जाये तो तीन दिन के अंदर काम समाप्त कर बंद करवायें।

बैठक में जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा, जल वितरण प्रभारी नगर निगम भगतसिंह भदौरिया  कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव, कमिश्नर नगर निगम अनिल भाना, पी ओ डूडा अरुण पाठक, एसडीएम शहर आर्ची हरित सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।