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 डिजिटल ठगी से बचना है, तो कानूनी अधिकारों को ढाल बनाएं

 

- दीपक डोडिया (विधि छात्र)

आज इंटरनेट हमारी जरूरत है, लेकिन साइबर अपराधियों ने इसे अपना हथियार बना लिया है। वित्तीय धोखाधड़ी, डेटा चोरी और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक लॉ स्टूडेंट के नाते मेरा मानना है कि तकनीकी सतर्कता के साथ-साथ कानूनी जागरूकता ही इस अदृश्य खतरे से बचने का एकमात्र रास्ता है।

साइबर अटैक होने पर क्या करें? (3 त्वरित कदम)
1.) 1930 पर कॉल करें: किसी भी वित्तीय फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें।

2.) गोल्डन ऑवर का उपयोग: घटना के शुरुआती 2 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि आपके पैसे ब्लॉक किए जा सकें।

3.) डिजिटल सबूत संभालें: फ्रॉड से जुड़े स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांजैक्शन और चैट हिस्ट्री को सुरक्षित रखें। आईटी एक्ट (IT Act) के तहत यह सबसे बड़ा कानूनी साक्ष्य है।