हल्ला गुल्ला के 21 वर्ष आयोजन की सर्वत्र हो रही प्रशंसा, तनाव दूर करता है हल्ला - गुल्ला
रतलाम, 05 दिसंबर (इ खबर टुडे)। जिन्दगी की आपा-धापी में मनुष्य आज के दौर में हंसना लगभग भूल ही गया है, हाव्य व्यंग्य से तनाव को दूर करने में सहायता मिलती है । उक्त विचार मुख्य अतिथि गीतकार हरिशंकर जी भट्टनागर ने हल्ला-गुल्ला सीजन-2 के काव्य महोत्सव आयोजन में व्यक्त किये।
विशेष अतिथि साहित्यकार डॉ. मोहन परमार ने कहा कि ऐसे आयोजन शहर में होते रहना बहुत जरूरी है, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नरेन्द्र मोदी विचार मंच के उपाध्यक्ष भारतसिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि हल्ला-गुल्ला ने अपनी प्रतिष्ठा आज भी नगर में कायम रखी है।
कार्यक्रम की शुरूआत में सुत्रधार जुझारसिंह भाटी ने बताया कि विगत 21 वर्षों से शहर में हास्य व्यंग्य विनोद के अनूठे आयोजन जिसकी प्रतीक्षा शहर के हरेक साहित्य प्रेमी को रहती है। उनके विश्वास को हल्ला गुल्ला कायम रखता है। अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर काव्य महोत्सव का शुभारम्भ किया। अतिथि परिचय कवि पंकज व्यास ने दिया।
सरस्वती वंदना गीतकार श्री अखिल स्नेही ने की. हल्ला गुल्ला के इस आयोजन में नगर के प्रसिद्ध साहित्यकारों में सर्व श्री सुभाष शर्मा, दिनेश उपाध्याय, इन्दु सिन्हा, वेदेही कोठारी, पंकज व्यास. यशपाल तंवर, सुभाष यादव, शिवराज जोशी, कैलाश वशिष्ठ, गौरीशंकर खिंची. दिनेश उपाध्याय, श्रीमती आशा उपाध्याय, श्रीमती पुष्पलता शर्मा, श्रीमती आशा रानी उपाध्याय, रणजीतसिंह राठौर, प्रकाश हेमावत, कीर्ति कुमार शर्मा, छत्रपाल सिंह, रामचन्द्र फुहार, जयराजसिंह झाला, जया शक्तावत, श्याम सुन्दर भाटी. अखिलेश स्नेही, मुकेश सोनी, नरेन्द्र जी कण्डारे आदि ने अपनी रचनाओं का पाठ करेगे । कवियों ने हास्य व्यंग्य, गीत गजल, मुक्तक से आयोजन में शमा बाघ दिया। अंत में आभार गौरीशंकर खिंची ने व्यक्त किया।

