Movie prime

रतलाम / समय पर बनवाएं जन्म-मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र, विलंब होने पर कोर्ट के चक्कर से बचें: कलेक्टर कटेसरिया

जन्म के 21 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य; देरी होने पर सक्षम न्यायालय की अनुमति होगी जरूरी
 
रतलाम की दुल्हन, आलोट का दूल्हा और शादी जावरा में... तो प्रमाण पत्र जावरा से ही बनेगा

 

रतलाम,21 सितंबर(इ खबर टुडे)। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान आम नागरिकों से जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन समय पर कराने की विशेष अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्म की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीयन के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। यदि इस अवधि में पंजीयन नहीं कराया जाता है, तो प्रक्रिया जटिल हो जाती है और इसके लिए सक्षम न्यायालय (कोर्ट) की अनुमति लेना अनिवार्य प्रावधान है।

​कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में जन्म और मृत्यु के जितने भी पुराने या लंबित मामले हैं, उनकी तत्काल समीक्षा कर प्राथमिक स्तर पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र हर नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक दस्तावेज हैं, इसलिए इनके पंजीयन में किसी भी तरह की लापरवाही या विलंब नहीं होना चाहिए।

​2008 के बाद विवाह पंजीयन अनिवार्य
​बैठक में कलेक्टर कटेसरिया ने 'मध्यप्रदेश विवाह पंजीयन नियम, 2008' का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में विवाह का पंजीयन कराना अनिवार्य है। यदि विवाह का पंजीयन नहीं कराया जाता है, तो शासकीय योजनाओं का लाभ लेने, समग्र आईडी बनवाने, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

​विवाह पंजीयन के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि वधू रतलाम की है और वर आलोट का है, लेकिन उनका विवाह जावरा में संपन्न हुआ है, तो विवाह प्रमाण पत्र जावरा के संबंधित नगरीय निकाय द्वारा ही जारी किया जाएगा।

विवाह पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज
​लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन करने के लिए  
​वर और वधू की आयु का प्रमाण पत्र, ​विवाह का निमंत्रण कार्ड एवं विवाह के फोटोग्राफ, ​वर-वधू का शपथ पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो, ​पंडित/मौलवी द्वारा जारी विवाह प्रमाण पत्र, ​माता-पिता के पहचान संबंधी दस्तावेज (जैसे समग्र आईडी आदि) जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

​कलेक्टर ने जिलेवासियों से आग्रह किया है कि भविष्य की किसी भी कानूनी या शासकीय असुविधा से बचने के लिए समय सीमा के भीतर ही संबंधित निकायों में आवेदन जमा करें।