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 भ्रामक फूड लेबल्स पर FSSAI का बड़ा एक्शन, उपभोक्ताओं के हित में सख्त कदम

 

 

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक प्रमुख बिस्किट निर्माता कंपनी को उसके उत्पाद पर किए गए "100% Atta" जैसे दावों को लेकर नोटिस जारी किया है। नियामक के अनुसार, यदि किसी खाद्य उत्पाद के लेबल पर किए गए दावे वास्तविक सामग्री या वैज्ञानिक तथ्यों से मेल नहीं खाते, तो उन्हें भ्रामक माना जा सकता है। FSSAI ने "No Added Sugar" और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दावों की भी जांच शुरू की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना तथा खाद्य उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

डॉ. रत्नदीप पैठणकर, क्लिनिकल डाइटिशियन एवं खाद्य विशेषज्ञ के अनुसार, "भ्रामक फूड क्लेम्स केवल गलत मार्केटिंग नहीं हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। आज अधिकांश लोग पैकेजिंग पर लिखे दावों पर भरोसा करके उत्पाद खरीदते हैं। यदि ऐसे दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं, तो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके विश्वास—दोनों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे मामलों में और अधिक सख्त कार्रवाई तथा प्रभावी दंड का प्रावधान होना चाहिए, ताकि भविष्य में कंपनियां भ्रामक दावे करने से बचें।"

उन्होंने आगे कहा कि "आज भी अधिकांश लोगों को यह जानकारी नहीं है कि यदि किसी खाद्य उत्पाद पर भ्रामक दावा, गलत लेबलिंग या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई शिकायत हो, तो वे FoSCoS (Food Safety Compliance System) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित खाद्य प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत हैं।"

उपभोक्ताओं के लिए संदेश
किसी भी पैकेज्ड खाद्य उत्पाद को खरीदने से पहले उसका लेबल, सामग्री सूची (Ingredients), पोषण संबंधी जानकारी (Nutrition Facts) और FSSAI लाइसेंस नंबर अवश्य जांचें। यदि कोई दावा संदेहास्पद लगे, तो FoSCoS पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें। आपकी जागरूकता ही सुरक्षित और पारदर्शी खाद्य व्यवस्था की आधारशिला है।