फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी पर किश्त के 16,350 हड़पने का आरोप, थाने में शिकायत
रतलाम, 15सितंबर(इ खबर टुडे)। बजाज फाइनेंस के एक कर्मचारी द्वारा लोन की किश्त की राशि लेकर रसीद न देने और धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार कीर्ति वर्रा ने थाना प्रभारी जावरा शहर को आवेदन देकर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी की एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, पत्रकार कॉलोनी जावरा निवासी कीर्ति वर्रा ने बजाज फाइनेंस की जावरा शाखा से 2,38,000 रुपये का लोन लिया था। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उनकी कुछ किश्तें बाउंस हो गई थीं। 30 जून 2026 को नगर पालिका के बाहर उन्होंने फाइनेंस कंपनी में कार्यरत कर्मचारी लखन गुर्जर (निवासी रीछा देवड़ा) को दो किश्तों की कुल राशि 16,350 रुपये नकद सौंपे थे। इस दौरान उनके पत्रकार साथी नाहरू खान व अन्य प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद थे।
सर्वर डाउन का बहाना बनाकर नहीं दी रसीद
रसीद मांगने पर कर्मचारी लखन गुर्जर ने सर्वर डाउन होने की बात कही और शाम को व्हाट्सएप पर रसीद भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर मैसेज करने के बावजूद उसने रसीद उपलब्ध नहीं कराई।
कंपनी से भागा कर्मचारी, पीड़ित पर लगा पेनाल्टी का बोझ
जब पीड़ित ने फाइनेंस कंपनी के जावरा कार्यालय जाकर जानकारी ली, तो पता चला कि उक्त राशि कंपनी में जमा ही नहीं की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि लखन गुर्जर काम छोड़कर भाग गया है। किश्त जमा न होने के कारण पीड़ित के बैंक खाते पर बार-बार चेक बाउंस का चार्ज, भारी पेनाल्टी और ब्याज लगाया जा रहा है। पीड़ित के अनुसार, आरोपी का फोन पहले बंद आ रहा था और अब चालू होने के बाद भी वह कॉल रिसीव नहीं कर रहा है।
पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी लखन गुर्जर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, हड़पी गई राशि वापस दिलाई जाए और फाइनेंस कंपनी द्वारा लगाई गई बेवजह की पेनाल्टी हटवाई जाए।

