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 वैचारिक अनुष्ठान के दूसरे दिन रंगकर्मी ओमप्रकाश मिश्रा का अभिनंदन

 'मालवा विचार मंथन' में जुटे साहित्यकार, काव्य पाठ से सजी शाम
 
 

रतलाम / जावरा, 13 जून (इ खबर टुडे)। समग्र मालवा संस्था द्वारा आयोजित 'मालवा विचार मंथन' वैचारिक अनुष्ठान के दूसरे दिन रतलाम के सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं युग बोध संस्था के संस्थापक ओम प्रकाश मिश्रा का शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर भावभीना सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता चंद्र प्रकाश ओस्तवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मालवा विचार मंथन का यह आयोजन संपूर्ण क्षेत्र के लिए अनुकरणीय है। ऐसे आयोजनों से समाज को एक नई दिशा मिलती है। उन्होंने अटल ग्राम के आयोजन की सराहना करते हुए श्री मिश्रा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और कहा कि उन्होंने मंच के माध्यम से सामाजिक बुराइयों को उजागर कर समाज का ध्यान आकर्षित किया है, जो सराहनीय है।

विशेष अतिथि जल सलाहकार आनंद व्यास ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जावरा में लगातार तीसरे वर्ष यह सफल आयोजन हो रहा है। आज समाज विचारों के आदान-प्रदान से दूर होता जा रहा है, जबकि वैचारिक मंथन से ही समाज का कल्याण संभव है। उन्होंने संस्था प्रमुख अभय कोठारी द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे लंबे प्रयासों की भी सराहना की।

युवाओं को सही दिशा देना जरूरी: ओमप्रकाश मिश्रा
अपने सम्मान के प्रत्युत्तर में ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा: "नाट्य मंच समाज को जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम है। इसके जरिए समाज की विसंगतियों को सामने लाया जा सकता है। आज युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देकर समाज निर्माण में उनका उपयोग करना बेहद आवश्यक है।"

काव्य पाठ से सजी साहित्यिक गोष्ठी
वैचारिक मंथन के साथ ही आयोजन में साहित्यिक समागम भी हुआ, जिसमें अंचल के प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया। कविता पाठ करने वालों में प्रमुख रूप से डॉ. प्रकाश उपाध्याय, रमेश मनोहर, डॉ. सी.एम. मेहता, राजेंद्र श्रोत्रिय, विजय जैन, मनोहर सिंह चौहान 'मधुकर', सतीश शिकारी, राम चंचलानी, फजल हयात, रणजीत सिंह राठौर, राजेंद्र त्रिवेदी और प्रकाश हेमावत शामिल थे। 

गरिमामयी रहा कार्यक्रम का स्वरूप
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुई। डॉ. प्रकाश उपाध्याय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। स्वागत भाषण जगदीश उपमन्यु ने दिया, जबकि अतिथियों का परिचय संस्था प्रमुख अभय कोठारी ने करवाया। मुख्य कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेंद्र त्रिवेदी ने किया।

साहित्यिक गोष्ठी का कुशल संचालन मनोहर सिंह चौहान 'मधुकर' ने संभाला। कार्यक्रम के अंत में सहसंयोजक अभय श्रीवास्तव ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत अभय कोठारी, राजेंद्र त्रिवेदी, अभय श्रीवास्तव, जगदीश उपमन्यु, शिखर धारीवाल, दिलीप त्रिवेदी, अमित ताम्रकार और मनोहर भाटी सहित संस्था के सदस्यों ने किया।