रतलाम में मंडी बंद होने पर भड़के किसान, सड़क पर बैठकर किया चक्काजाम
रतलाम, 24अगस्त (इ खबर टुडे)। कृषि उपज मंडी रतलाम में मंडी अचानक बंद रहने और व्यापारियों द्वारा नीलामी न करने के विरोध में सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित किसानों ने महू-नीमच फोरलेन पर मंडी के मुख्य द्वार के सामने बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन और व्यापारियों की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो दिनों से मंडी बंद रहने के बाद सोमवार को मंडी चालू होने का आधिकारिक मैसेज मिला था। मैसेज मिलने के बाद दूर-दराज के इलाकों से लगभग 1,200 ट्रॉली अनाज लेकर किसान मंडी पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने पर व्यापारियों ने नीलामी करने से साफ इंकार कर दिया और मंडी बंद रखने की बात कही।
प्रति ट्रॉली 3 से 4 हजार का नुकसान
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि वे भारी-भरकम भाड़ा देकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से अपनी उपज बेचने आए हैं। एक दिन का भाड़ा ही 3,000 से 4,000 तक आ जाता है। ऐसे में बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक मंडी बंद कर देने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों की प्रमुख मांगें
नीलामी का बहिष्कार करने वाले और बार-बार मंडी बंद करने वाले व्यापारियों के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएं। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन और एसडीएम जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्हें मंडी प्रभार से मुक्त कर तहसीलदार को प्रभार दिया जाए। मंडी को तत्काल चालू कराकर सभी फसलों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाए।
चक्काजाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन बाधित रहा। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम किसानों को समझाइश देने के बाद मंडी में नीलामी का काम शुरू हुआ।

