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रतलाम / लाखों हड़पने के बाद भी नहीं की रजिस्ट्री, पैसे वापस मांगने पर सब्जी विक्रेता को पीटा, जान से मारने की धमकी

 

 

रतलाम,23 जून (इ खबर टुडे)। जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे एक गरीब सब्जी विक्रेता ने भूखंड के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि पाई-पाई जोड़कर जमीन के लिए दिए गए ₹7.52 लाख हड़पने के बाद भी आरोपी रजिस्ट्री नहीं कर रहा है और पैसे मांगने पर जानलेवा हमला कर धंधा बंद करने की धमकी दे रहा है।

जनसुनवाई में जिला एवं दंडाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र के अनुसार, मोअज्जम रोड जावरा निवासी शाकिर हुसैन (27 वर्ष) पिता फारूक हुसैन ने बताया कि वह सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसने 24 जुलाई 2025 को ग्राम उमट पलिया निवासी सईद खा मेवाती पिता अजीज खा से एक भूखंड (रकबा 0.6800 हेक्टेयर में से 1200 वर्ग फीट) का सौदा 11,00,000 रुपए में किया था।

पीड़ित शाकिर ने अनुबंध के अनुसार अलग-अलग तारीखों में विक्रेता सईद खा को कुल 7,52,000 रुपए नगद चुका दिए। शेष राशि ₹3,48,000 वह रजिस्ट्री के वक्त देने के लिए तैयार था। लेकिन जब उसने रजिस्ट्री के लिए संपर्क किया, तो आरोपी ने रजिस्ट्री करने से साफ मना कर दिया और गाली-गलौज व मारपीट पर उतारू हो गया।

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सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से भागा आरोपी, थाने में नहीं हुई सुनवाई
शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने पूर्व में जावरा थाने और 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी। पुलिस के आश्वासन के बाद आरोपी सईद खा ने उसे 15 मई 2026 को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जावरा बुलाया, लेकिन वह वहां रजिस्ट्री कराने नहीं आया। जब शाकिर ने फोन पर बात की, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए कहा, "कोई पुलिस वाला मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, तेरे पैसे नहीं दूंगा, तुझसे जो हो वो कर ले"।

बीच रास्ते में रोककर लात-घूंसों से पीटा
पीड़ित का आरोप है कि 4 जून 2026 को जब वह सब्जी बेचने के बाद अपने टेम्पू से लौट रहा था, तब बरगढ़ फंटे पर आरोपी सईद खा मेवाती और उसके बेटों ने उसे रोक लिया। उन्होंने शाकिर के साथ लात-मुक्कों से बुरी तरह मारपीट की, जिससे उसकी गर्दन और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर दोबारा सब्जी बेचने इधर आया तो जान से मार देंगे और हाथ-पैर काट देंगे। साथ ही आरोपियों ने यह भी धौंस दी कि "तेरे 8 लाख में से 1 लाख पुलिस को दे देंगे तो मेरा कुछ नहीं होगा"।

इलाज के पैसे नहीं, धंधा भी छूटा
पीड़ित शाकिर हुसैन ने बताया कि उसने अपने जीवन की सारी जमा-पूंजी इस जमीन में लगा दी थी। उसके पिता गंभीर रूप से बीमार हैं (डायबिटीज और किडनी संक्रमण)। घर में कमाने वाला वह अकेला है, लेकिन आरोपियों के डर से अब वह सब्जी बेचने भी नहीं जा पा रहा है, जिससे उसके पास पिता की दवाइयों के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।

कलेक्टर से त्वरित कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने जनसुनवाई में आवेदन के साथ शपथ पत्र, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थिति की रसीद, और पूर्व में दर्ज प्राथमिकी (FIR) की छायाप्रति संलग्न करते हुए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि धोखाधड़ी करने वाले दबंग आरोपियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाया जाए।