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 बहुमूल्य शासकीय भूमि पर किया कब्जा, दावा निरस्त 

 तार फेंसिंग कर किया था कब्जा, भूमि की कीमत लाखों रुपए
 

 

रतलाम, 18 सितंबर (इ खबर टुडे)। बाई जी का आवास स्थिति सर्वे क्रमांक 385 रब्बा 1.640 हेक्टेयर जो नजूल मध्य प्रदेश शासन की भूमि है जिसमें वादीगण दोनों भाई जफर  एवं सिकंदर खान पिता मुजफ्फर खान निवासी हाथी खाना मोहल्ला रतलाम द्वारा शासन की 1310 वर्ग फीट भूमि पर अतिक्रमण कर कब्जा किया गया था l  तहसीलदार के बेदखली के आदेश के विरुद्ध न्यायालय प्रकरण प्रस्तुत किया था l जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया जमीन की  कीमत लाखों रुपए में है l

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि वादीगण द्वारा शासकीय भूमि पर तार फैंसीग कर कब्जा कर लिया गया था l जिसके विरुद्ध राजस्व न्यायालय में वादीगण को  सुनवाई का अवसर देते हुए बेदखली का आदेश तहसीलदार द्वारा दिया गया था l

भूखंड क्रमांक 319 की आड़ में किया था कब्जा 
शासन की लाखों रुपए की  कीमती जमीन पर कब्जे की शुरुआत वर्ष 1958 से हुई थी वादीगण के दादा नौसेखा नगर निगम में कर्मचारी थे l रतलाम सुधार न्यास की नीलामी के माध्यम से 3700 वर्ग फीट भूमि ले ली थी l नीलामी पत्र में सर्वे नंबर एवं भूखंड क्रमांक का उल्लेख नहीं था l जबकि वास्तविकता मे भूमि मौके पर नहीं थी l सीमांकन के दौरान मौके पर 2157 वर्ग फीट भूमि ही थी l  नौसेखा की मृत्यु के बाद उक्त जमीन मुनव्वर का के नाम हुई मुनव्वर खान द्वारा अपने भाई की पत्नी आबेदा के नाम वसीयत कर दी थी l

वसीयत के आधार पर हुई रजिस्ट्री 
आबेदा द्वारा उक्त भूखंड के अपने दोनों पुत्र वादीगण को 17 लख रुपए नगद राशि प्राप्त कर विक्रय कर दी l इसी आधार पर वादीगण द्वारा न्यायालय में  प्रस्तुत किया गया था l प्रकरण की सुनवाई दशम व्यवहार न्यायाधीश अरुण सिंह ठाकुर के न्यायालय में हुई  lजहां   वादीगण रजिस्ट्री के आधार पर भूखन क्रमांक 319 की आड़ लेकर शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 385 में 1310 वर्ग फीट पर अतिक्रमण कर लिया यह पाया गया और न्यायालय ने वादीगण का दवा निरस्त कर दिया  l न्यायालय ने सन 1958 के फ्री होल्ड प्रमाण पत्र को स्वामित्व का आधार नहीं माना और वादीगण को अतिक्रमक  माना l शासन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी द्वारा की गई l