डिजिटल अरेस्ट कर 55 लाख की साइबर ठगी: रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हैदराबाद और कर्नाटक से 3 गिरफ्तार
20 लाख की राशि कराई गई होल्ड, फर्जी FIR और सुप्रीम कोर्ट के नकली दस्तावेज भेजकर दिया था वारदात को अंजाम
रतलाम,12 अक्टूबर(इ खबर टुडे)। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में रतलाम पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर एक व्यवसायी से 55 लाख की साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। माणकचौक थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगे गए पैसों में से 20 लाख की राशि खातों में होल्ड करवा ली है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हैदराबाद से दो और धारवाड़ (कर्नाटक) से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरियादी (जो वर्तमान में कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं) को 15 सितंबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई के कोलाबा क्षेत्र का पुलिस अधिकारी बताया। आरोपियों ने फरियादी पर पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था ISI से जुड़े एजेंट से बातचीत करने का झूठा आरोप लगाया।
डर का माहौल बनाने के लिए आरोपियों ने फरियादी को अलग-अलग नंबरों से वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी कॉल किए। 16 सितंबर को आरोपियों ने मामला एटीएस (ATS) को ट्रांसफर करने का नाटक किया और व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी पहने व्यक्तियों से बात कराई। इसके बाद फर्जी FIR और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के नकली लेटरहेड पर तैयार दस्तावेज भेजकर पीड़ित को डराया गया।
'जांच और सत्यापन के बाद पूरी राशि लौटाने' का झांसा देकर आरोपियों ने फरियादी से आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से कुल 55,00,000 लाख विभिन्न बैंक खातों में जमा करवा लिए।
ठगी का अहसास होने पर फरियादी द्वारा शिकायत दर्ज कराते ही थाना माणकचौक में मामला पंजीकृत किया गया। साइबर सेल की टीम ने तुरंत बैंक खातों के लेनदेन और धनराशि के प्रवाह की जांच की, जिससे 20 लाख की राशि को होल्ड करवाने में सफलता मिली।
बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीमों ने दबिश देकर तीन आरोपी कोडारी वेंकटेश पिता राजन्ना कोडारी निवासी तेलंगाना, अशोक अन्यया म निवासी मराठा कॉलोनी, धारवाड़ कर्नाटक, मीर यूसुफ पिता मीर आजम निवासी चार मीनार मदीना नगर हैदराबाद को गिरफ्तार किया।
पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन में पुलिस टीम अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और पैसे के आगे के लेनदेन की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पुलिस/एजेंसी कॉल से न डरें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

