रतलाम में धर्मांतरण के षड्यंत्र का पर्दाफाश: बीमारियां ठीक करने का झांसा देने वाले पति-पत्नी पर केस दर्ज
रतलाम, 6 नवंबर (इ खबर टुडे)। जिले के रावटी थाना क्षेत्र में धर्मांतरण के एक बड़े षड्यंत्र का मामला सामने आया है। पुलिस ने अंधविश्वास और प्रलोभन के जरिए धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास के आरोप में पति-पत्नी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपी दंपत्ति लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने का झांसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहे थे।
फरियादी, मोबाइल दुकान संचालक शिवा रायकवार (21 वर्ष, पिता चंद्रशेखर रायकवार) ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें ग्रामवासियों से जानकारी मिली थी कि रावटी स्टेशन रोड स्थित मोहन के मकान में एक प्रार्थना सभा होती है, जहां बीमारियों का इलाज किया जाता है। शिवा स्वयं हाथ, पैर और सिर दर्द की समस्या से परेशान थे, इसलिए वे 1 नवंबर की दोपहर करीब 12 बजे उस मकान में पहुंचे।
मौके पर लगभग 25-30 महिलाएं, 5-7 बच्चे और 8-10 पुरुष मौजूद थे। वहां रावटी निवासी आरोपी टीकमसिंह अमलियार (35) और उसकी पत्नी नंदीबाई (32) किराए के मकान में लोगों को इकट्ठा किए हुए थे।
चमत्कारी पानी और प्रसाद का झांसा
शिकायत के अनुसार, कुर्सी पर बैठी नंदीबाई ने दावा किया कि ईसाई धर्म अपनाने से व्यक्ति के सभी कष्ट और बीमारियां दूर हो जाती हैं। आरोपियों ने बाइबल धर्म ग्रंथ के पाठ पढ़ाकर और प्रलोभन देकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना शुरू किया। इस दौरान आरोपियों ने एक केतली से पानी देते हुए कहा कि इसे पीने से सारे कष्ट दूर हो जाएंगे।
फरियादी शिवा ने जैसे ही वह पानी पिया, उन्हें घबराहट होने लगी और हल्के चक्कर आने लगे। कमरे में बाइबल और अन्य धार्मिक पुस्तकें रखी हुई थीं तथा नंदीबाई व एक अन्य महिला लगातार उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रही थी।
दोस्त की सूझबूझ से बची स्थिति, पुलिस ने की कार्रवाई
परिस्थिति संदेहास्पद और गंभीर होने पर घबराए शिवा ने तुरंत अपने दोस्त गजेंद्र सिंह राठौड़ को फोन पर पूरी बात बताई। दोस्त की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और वहां मौजूद लोगों को थाने लेकर आई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

