एमपीपीएससी की परीक्षा में सिख छात्रा की पगड़ी उतरवाने पर विवाद,अधिकारियो ने खेद जताया
रतलाम, 01 मार्च (इ खबर टुडे)। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित परीक्षा में उत्कृष्ट स्कूल के परीक्षा केंद्र पर एक अमृतधारी सिख छात्रा की पगड़ी उतरवाने को लेकर जमकर विवाद हुआ। छात्रा की पगड़ी उतरवाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उत्कृस्ट स्कुल पहुंच गए। हंगामे की सुचना मिलते ही कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस घटना पर खेद व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा रविवार को राज्य पात्रता परीक्षा (SET) की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा को लेकर रतलाम में भी 16 केंद्र बनाए गए। सागोद रोड स्थित उत्कृष्ट विद्यालय को भी इस परीक्षा का केंद्र बनाया गया था।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक सागोद रोड स्थित उत्कृष्ट स्कूल के परीक्षा केंद्र में अमृतधारी छात्रा गुरुलीन कौर पिता महेंद्रपाल सिंह चितौड़गढ़ से परीक्षा देने आई थी। परीक्षा का समय दोपहर 12 से 3 बजे तक था। परीक्षा के पहले सभी की जांच की गई। इस दौरान छात्रा की भी महिला स्टाफ ने अलग रूम में ले जाकर जांच की। छात्रा ने अपने सिर पर दुमाला साहेब (पगड़ी) पहन रखी थी। जिसे उतरवा दिया गया। साथ में ही कृपाण (कटार) भी निकलवाई गई। छात्रा के साथ परीक्षा केंद्र पर रतलाम के परिजन वीरेंद्रसिंह भी आए थे। इस बारे में उन्हें जानकारी लगी। तब उन्होंने समाज के अन्य लोगों को सूचना दी।
कार्रवाई पर अड़े सिख समाज के लोग
छात्रा की पगड़ी उतरवाने की जानकारी मिलने पर सिख समाज के अवतार सिंह सलूजा, कंवल जीत सिंह मक्कड़, कश्मीर सिंह सोढ़ी, देवेंद्र सिंह बग्गा, सतपाल सिंह डंग आदि समाजजन परीक्षा सेंटर पहुंचे। सभी ने केंद्राध्यक्ष व स्कूल प्रिंसिपल सुभाष कुमावत के समक्ष आपत्ति जताई। इसके बाद एसडीएम आर्ची हरित, ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव भी मौके पर पहुंचे। समाजजनों ने अधिकारियों के समक्ष छात्रा की पगड़ी उतारने पर आपत्ति जताई। समाजजनों ने कहा हमारी भावनाएं आहत हुई है। परीक्षा के निर्देश में ऐसा कही नहीं लिखा है कि पगड़ी उतारी जाए। समाजजन जांच करने वाली शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग करने लगे। काफी देर तक समझाने के बाद अधिकारियों ने खेद जताते हुए माफी मांगी। तब जाकर मामला शांत हुआ।
छात्रा के रतलाम में रहने वाले रिश्तेदार रंजीत कौर ने बताया बच्ची सुबह से तैयार होकर परीक्षा देने गई थी। चेकिंग के दौरान दुमाला उतारा गया। जो कि हमारे सिख समाज में बहुत गलत है। आज बच्ची पेपर देने बैठी है तो उसने आज पेपर किस कंडीशन में दिया होगा। यह सिख समाज के साथ ही क्यो होता है। आज सिख समाज के साथ गलत हुआ है इसलिए समाजजन यहां पर एकत्र हुए है।
परीक्षा देकर बाहर आई छात्रा गुरलीन कौर ने बताया परीक्षा के दौरान दस्तार खोल कर जांच की। कृपाण (कटार) भी निकलवाई गई। यह हमारा कल्चर है। इसे हम फॉलो करते है। पहले भी कई परीक्षा राजस्थान में दी है। लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ।
आयोग के निर्देश
परीक्षा केंद्राध्यक्ष व स्कूल प्रिंसिपल सुभाष कुमावत ने कहा कि आयोग के निर्देश के अनुसार जांच की है। अज्ञानता वश हो सकता है। दो पगड़ी पहनते है। वह हमें भी नहीं मालूम था। पगड़ी निकालकर जांच की। वापस पहनने को दे दिया। अज्ञानतावश अगर यह चीज हुई तो मैं माफी मांगता हूं।
एसडीएम विवेक सोनकर ने बताया लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा थी। सिख समाज की एक बिटिया आई थी। आयोग द्वारा सूक्ष्मता से जांच के निर्देश थे। चेकिंग के दौरान किसी की धार्मिक भावना को आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था। हमने स्टाफ को चेतावनी दी है कि आगे से ऐसा ना हो। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में मौजूद रहेकर हमने खेद प्रकट किया है।

