रतलाम : 7 दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण का समापन, पहले बैच के 100 प्रशिक्षार्थियों को मिला प्रमाण-पत्र
रतलाम, 14 अगस्त (इ खबर टुडे)। जिले में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए होमगार्ड लाइन रतलाम में आयोजित 7 दिवसीय "आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम" का शुक्रवार को समापन हो गया। यह प्रशिक्षण मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के तहत कलेक्टर अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में एसडीईआरएफ (SDERF) और होमगार्ड विभाग द्वारा आयोजित किया गया।
समापन समारोह में अपर कलेक्टर बृजेन्द्र रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड एवं एसडीआरएफ श्रीमती रोशनी बिलवाल ने की, जबकि प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर कृष्णपाल सिंह बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्य अतिथि श्री रावत ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि “नेकी कर दरिया में डाल” के सिद्धांत पर कार्य करें। दूसरों की सहायता अवश्य करें, लेकिन स्वयं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और ऐसे प्रशिक्षण समाज के लिए सुरक्षा कवच साबित होते हैं।
विशिष्ट अतिथि कृष्णपाल सिंह बघेल ने भी प्रशिक्षणार्थियों से आपदा की परिस्थितियों, बचाव उपायों और राहत कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्हें भविष्य में जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र वितरित किए गए। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।
आभार प्रदर्शन करते हुए श्रीमती रोशनी बिलवाल ने बताया कि जिले में कुल 500 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया जाना है। वर्तमान में संपन्न हुआ प्रशिक्षण पहले 100 आपदा मित्रों के प्रथम बैच का था। आगामी समय में इसी प्रकार के चार अन्य प्रशिक्षण बैच भी संचालित किए जाएंगे।
प्रशिक्षण के दौरान होमगार्ड कम्पनी कमांडर बद्री मण्डलोई, प्लाटून कमांडर श्रीमती ज्योति बघेल तथा होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवानों ने प्रतिभागियों को आपदा से बचाव, राहत एवं बचाव कार्यों की व्यवहारिक बारीकियों का प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम का संचालन सैनिक क्रमांक 1204 तुषार भट्ट ने किया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में होमगार्ड अधिकारी, जवान और प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सशक्त बनाने तथा स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

