रतलाम / शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की मेहनत से रक्तदान की शतक
रतलाम 29 नवंबर (इ खबर टुडे)। पूर्ण सेंट जोसेफ कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रतलाम अपनी गौरवशाली 70 वर्षीय समाजसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बढ़ते हुए रक्तदान शिविर आयोजन करने का संकल्प लिया इसके तहत प्रथम चरण में समाजसेवी गोविंद काकानी को रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान और देहदान की जानकारी देने के लिए आमंत्रित कर सभी को विस्तृत जानकारी से पूरे सदन को अवगत करवाया|
प्रश्न मंच एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया| सही उत्तर देने वालों को काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से तत्काल पुरस्कार दिया गया| इसी कड़ी के द्वितीय चरण में विद्यालय प्रबंधन द्वारा पहली बार विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया|
जिसने जनसेवा का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 115 यूनिट रक्तदान अभिभावक, विधालय की सिस्टर्स, शिक्षकगण , विद्यालय के पूर्व छात्र ,सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों में से 76 पुरुषों एवं 39 महिलाओं ने रक्तदान किया|
जिले में पहली बार पूरे रक्तदान शिविर में लगभग 35% महिलाओं द्वारा रक्तदान करना महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है| डॉ लक्ष्मण नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अनीता मूथा के मार्गदर्शन में रक्तदान विभाग प्रभारी डॉ रितेश गुर्जर ने कहां की पीड़ित मानवता कीअमूल्य सेवा में आपका यह योगदान अनेक मरीजों को नया जीवन देगा|
इस शिविर का सफल संचालन प्राचार्या सिस्टर निधि के नेतृत्व में ,डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज ,ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ रितेश गुर्जर एवं उनकी टीम तथा समाजसेवी गोविंद काकानी के सहयोग से किया गया। दोनों संस्थाओं के समन्वित प्रयास, अभिभावक के प्रोत्साहन द्वारा कार्यक्रम सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पूर्णतः सफल रहा। सेंट जोसफ के लिए यह दिवस ऐतिहासिक सिद्ध हुआ, जहाँ विद्यार्थियों ने माता पिता को प्रेरित किया और मंगल कामना के साथ रक्तदान को सार्थकता प्रदान की |
विद्यालय प्रबंधन ने सभी सहयोगकर्ताओं, विशेषतः रक्तदाताओं, मेडिकल टीम और समाजसेवी संगठनों का हृदय से आभार व्यक्त किया| कार्यक्रम सफल बनाने में संयोजक टीम श्रीमती दीप्ति शर्मा, श्रीमती पूर्णिमा गुप्ता, प्रकाश लोबो , श्रीमती सिम्मी शर्मा, श्रीमती अर्पिता प्रतीक सिंह, सुश्री ओजस्वी ने प्रमुख भूमिका निभाई |संस्था ने इस अवसर को न केवल विद्यालय की स्वर्ण जयंती यात्रा का प्रतीक बताया, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का सुनहरा अवसर भी माना |

