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सिविक सेंटर योजना के पीड़ितों के हक में आए भाजपा नेता निर्मल कटारिया, कलेक्टर से की नगर निगम की 'दोहरी नीति' की शिकायत

 

​रतलाम04अगस्त (इ खबर टुडे ) । नगर निगम रतलाम द्वारा एक तरफ डोसीगांव स्थित मल्टियों के बकायेदारों के खिलाफ बेदखली की सख्त कार्रवाई की जा रही है, तो दूसरी तरफ लगभग 30 वर्षों से 'सिविक सेंटर योजना' के पीड़ितों को उनके जमा पैसों का हिसाब या प्लॉट्स की रजिस्ट्री नहीं मिल सकी है। नगर निगम की इस दोहरी नीति के खिलाफ भाजपा नेता व पूर्व जिला महामंत्री निर्मल कटारिया ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को पत्र सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।

30 साल से नागरिक काट रहे चक्कर
​निर्मल कटारिया ने कलेक्टर को भेजे ज्ञापन में उल्लेख किया है कि नगर निगम रतलाम ने लगभग तीन दशक (30 वर्ष) पूर्व सिविक सेंटर योजना के तहत नागरिकों से लाखों रुपये जमा कराए थे। आज इतने साल बीत जाने के बाद भी दर्जनों आवंटियों को न तो उनके आवंटित प्लॉट/भवन का मालिकाना हक मिला है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है। कई ऐसे मामले भी हैं जहां नागरिकों को न तो जमीन मिली और न ही जमा राशि वापस लौटाई गई।

नगर निगम की दोहरी नीति पर उठाए सवाल
​ज्ञापन में कटारिया ने नगर निगम के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि डोसीगांव मल्टियों में महज 5 साल से किराया या बकाया न देने वालों पर नगर निगम पूरी ताकत से बेदखली और जब्ती की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन जब बात जनता के 30 साल पुराने हक और जमा पैसों की आती है, तो निगम प्रशासन मौन साध लेता है। यह दोहरी नीति समानता, पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रशासन के सिद्धांतों के खिलाफ है।


​कलेक्टर से की गईं प्रमुख मांगें:
​संपूर्ण जांच व समीक्षा: सिविक सेंटर योजना में जमा कराई गई राशि और आवंटन की पूरी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
​समयबद्ध रजिस्ट्री: जिन आवंटियों को अब तक प्लॉट/भवन का मालिकाना हक नहीं मिला है, उनकी सूची बनाकर समयसीमा में रजिस्ट्री कराई जाए।
​ब्याज सहित राशि वापसी: यदि किसी आवंटी को प्लॉट देना संभव न हो, तो उसकी जमा पूंजी नियमानुसार उचित ब्याज सहित लौटाई जाए।


​श्वेत पत्र / जानकारी सार्वजनिक हो: योजना में अब तक कितने लोगों से कितना पैसा लिया गया, कितनों को कब्जा मिला और कितने मामले लंबित हैं—यह जानकारी सार्वजनिक की जाए।
​जवाबदेही तय हो: 30 वर्षों तक इस मामले को लटकाए रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर उच्चस्तरीय जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


​जिला प्रशासन करे निगरानी: कलेक्टर कार्यालय स्तर से इस पूरे प्रकरण की सीधी मॉनिटरिंग कर नागरिकों को राहत दी जाए।
​भाजपा नेता निर्मल कटारिया ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम अपनी बकाया वसूली के लिए सख्त हो सकता है, तो नागरिकों के प्रति अपनी 30 साल पुरानी देनदारी और जिम्मेदारियों से भी मुंह नहीं मोड़ सकता। उन्होंने जनहित में जिला प्रशासन से तत्काल कड़े निर्देश जारी करने की अपील की है।