भाजपा नेता बजरंग पुरोहित की मांग: बंगाल में शहीद कार्यकर्ताओं के परिजनों के लिए शुरू हो 'बलिदान सम्मान निधि' योजना
रतलाम, 09मई (इ खबर टुडे)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद, अब पार्टी के भीतर उन कार्यकर्ताओं के परिवारों को संबल देने की आवाज उठने लगी है जिन्होंने राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवाई है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष (रतलाम) एवं वर्तमान उज्जैन जिला प्रभारी बजरंग पुरोहित ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर 'बलिदान सम्मान निधि' योजना शुरू करने का बड़ा सुझाव दिया है।
बजरंग पुरोहित ने यह पत्र प्रदेशाध्यक्ष व संगठन महामंत्री के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक प्रेषित किया है। पत्र में उन्होंने बंगाल की जीत को केवल एक राजनीतिक विजय न मानकर, कार्यकर्ताओं के कड़े संघर्ष और बलिदान की परिणति बताया है।
प्रस्ताव की मुख्य मांगें
पुरोहित ने पत्र में चार प्रमुख बिंदुओं पर योजना तैयार करने का आग्रह किया है। गहन जाँच मंडल स्तर पर उन सभी कार्यकर्ताओं की सूची बनाई जाए जिन्होंने संघर्ष में अपने प्राण न्योछावर किए। शहीद परिवारों के लिए स्थायी 'मासिक पेंशन' की व्यवस्था हो। मृतक कार्यकर्ताओं के बच्चों की शिक्षा, परिजनों के स्वास्थ्य और पुनर्वास हेतु विशेष आर्थिक सहायता प्राप्त हो। प्रत्येक जिले में बलिदानियों की स्मृति में शिलालेख या स्मारक की स्थापना हो।
आपातकाल के संघर्ष का दिया हवाला
स्वयं 'मीसाबंदी' रहे बजरंग पुरोहित ने अपने पत्र में 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने मात्र 17 वर्ष की उम्र में 16 माह जेल में बिताए हैं। उन्होंने कहा, "एक लोकतंत्र सेनानी होने के नाते मैं भली-भांति समझता हूँ कि विचारधारा के लिए बलिदान देने वाले कार्यकर्ता के परिवार पर क्या बीतती है। बंगाल में खिला 'कमल' उन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके परिवार सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेंगे।"
यह पत्र वर्तमान में राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे कार्यकर्ताओं के प्रति एक संवेदशनील पहल के रूप में देखा जा रहा है।

