भैविन माइंड स्कूल में ‘ओपन हाउस’ व अभिभावक चर्चा आयोजित
रतलाम,17मार्च(इ खबर टुडे)। भैविन माइंड स्कूल, बरबड़ रोड गंगासागर रतलाम में सोमवार को “ओपन हाउस” एवं अभिभावक चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, संस्कार, अनुभव और सफलता के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में अभिभावकों और विद्यार्थियों को धर्म और कर्म के समायोजन के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह दीप प्रज्वलन संस्कार ऋषि पंडित दिनेश व्यास (घटवास), विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती अलका श्रीनिवास सिंह, शिक्षकों तथा अभिभावकों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच पर संस्कार ऋषि पंडित दिनेश व्यास, युवा उद्योगपति वरुण पोरवाल, पं. संजय शिव शंकर दवे, श्रीमती डॉली भटनागर, डायरेक्टर श्रीमती अलका श्रीनिवास सिंह तथा सैलाना के पंडित जी मंचासीन रहे।
मुख्य अतिथि संस्कार ऋषि पंडित दिनेश व्यास ने अपने उद्बोधन में वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर चिंतन प्रस्तुत करते हुए शिक्षा में संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा को धर्म और संस्कारों से जोड़कर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव है। उन्होंने भविष्य में भी भैविन माइंड स्कूल में अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन एवं कार्यशालाएं आयोजित करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने नैतिक शिक्षा के महत्व पर भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर शहर के युवा उद्योगपति वरुण पोरवाल ने विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ अनुभव और संस्कारों का समावेश एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में धर्म और संस्कारों से जुड़कर उन्हें आत्मबल प्राप्त होता है और सफलता की राह आसान होती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं तथा खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसका अभिभावक वकील नाथ राठौर,शीतल जैन,मोहिनी चौहान आदि ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया। कार्यक्रम में लगभग 200 से अधिक अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती डॉली भटनागर ने किया। अंत में विद्यार्थियों द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा सभी उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।

