आग के करतब और तलवारबाजी से अव्या सिलावट ने जीता ‘इंडिया टैलेंट किंग एंड क्वीन’ का खिताब, रतलाम का नाम किया रोशन
रतलाम,19 सितम्बर(इ खबर टुडे)। शहर की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति और युवा प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई है। रतलाम के प्रसिद्ध कार्तिक अखाड़े की प्रतिभावान बालिका अव्या सिलावट ने राजस्थान के जोधपुर में आयोजित ‘इंडिया’स टैलेंट किंग एंड क्वीन-सीजन 2’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वीन विनर का खिताब अपने नाम किया। अव्या ने प्रतियोगिता में तलवारबाजी के साथ हैरतअंगेज आग के करतब (Fire Stunts) प्रस्तुत कर निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
अव्या रतलाम के कार्तिक अखाड़े के संचालक एवं गुरु सत्यनारायण शर्मा ‘सत्तू पहलवान’ की शिष्या हैं। पारंपरिक अखाड़ा कला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही अव्या ने अपने प्रदर्शन में साहस, संतुलन, शारीरिक दक्षता और मंचीय आत्मविश्वास का प्रभावी प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गुरुजनों और रतलाम के खेल एवं अखाड़ा जगत में खुशी का माहौल है।
रतलाम की चयन स्पर्धा से जोधपुर के फाइनल तक पहुंची अव्या
जानकारी के अनुसार ‘इंडिया’स टैलेंट किंग एंड क्वीन-सीजन 2’ के लिए आयोजक संस्था RP House द्वारा देश के अलग-अलग स्थानों पर प्रतिभागियों के चयन के लिए स्पर्धाएं आयोजित की गईं। इसी क्रम में रतलाम में भी चयन स्पर्धा आयोजित हुई थी, जिसमें 30 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस चयन स्पर्धा में प्रतिभागियों को उनकी प्रतिभा, प्रस्तुति और प्रदर्शन के आधार पर परखा गया। अव्या सिलावट ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें आगे की प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों से चयनित प्रतिभाओं को जोधपुर में आयोजित फाइनल मुकाबले के लिए आमंत्रित किया गया।
आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार देशभर में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के बीच विभिन्न चरणों में चयन के बाद करीब 30 प्रतिभागियों को जोधपुर के फाइनल मुकाबले के लिए चुना गया था। इस कठिन प्रतिस्पर्धा में अव्या ने अपने प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई और अंततः Queen Winner के रूप में सम्मान हासिल किया।
तलवारबाजी और आग के करतब बने आकर्षण
जोधपुर में आयोजित फाइनल में अव्या ने पारंपरिक युद्धकला से जुड़े तलवारबाजी के कौशल के साथ आग से जुड़े साहसिक करतब प्रस्तुत किए। मंच पर आग के बीच संतुलन और नियंत्रण के साथ प्रदर्शन करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होता है। अव्या ने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
अव्या के प्रदर्शन की खासियत यह रही कि इसमें रतलाम की अखाड़ा परंपरा की झलक भी दिखाई दी। आधुनिक टैलेंट शो के मंच पर पारंपरिक शारीरिक कौशल और साहसिक कला का प्रदर्शन कर उन्होंने दर्शाया कि अखाड़ों में तैयार होने वाली प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
RP House ने किया आयोजन
अव्या को प्रदान किए गए Certificate of Achievement में ‘India’s Talent King & Queen – Season 2’ का उल्लेख है और इसे RP House द्वारा आयोजित बताया गया है। ट्रॉफी पर भी प्रतियोगिता का नाम, सीजन-2 और Queen Winner का उल्लेख है। आयोजक संस्था की ओर से प्रतियोगिता को प्रतिभाओं को मंच देने वाले रियलिटी शो के रूप में प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध प्रमाणपत्र के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिभागियों की कला, कौशल, समर्पण और प्रतिभा को मंच प्रदान करना था।
गुरु सत्तू पहलवान के मार्गदर्शन में हासिल की उपलब्धि
अव्या की इस सफलता में उनके गुरु सत्यनारायण शर्मा ‘सत्तू पहलवान’ का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। कार्तिक अखाड़े में पारंपरिक व्यायाम, शारीरिक प्रशिक्षण और युद्धकला से जुड़ी विधाओं का अभ्यास करने वाली अव्या ने इसी प्रशिक्षण को मंचीय प्रदर्शन में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
अव्या की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि रतलाम की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति के लिए भी गौरव का विषय है। राष्ट्रीय स्तर के टैलेंट मंच पर तलवारबाजी और आग के करतब के माध्यम से अपनी पहचान बनाने वाली अव्या ने यह दिखाया है कि पारंपरिक कलाओं को आधुनिक मंच मिलने पर युवा प्रतिभाएं भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
अव्या सिलावट की इस उपलब्धि पर परिवार, कार्तिक अखाड़े के गुरु एवं साथी खिलाड़ियों सहित शहरवासियों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

