रतलाम में वन रक्षक, सहायक जेल अधीक्षक व जेल प्रहरी परीक्षा निरस्त: पेपर लीक की आशंका, भारी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थी हुए मायूस
रतलाम,07 जून(इ खबर टुडे)। शहर के सृजन कॉलेज और मारुति एकेडमी परीक्षा केंद्रों पर रविवार को आयोजित वन रक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक की परीक्षा अचानक निरस्त कर दी गई। परीक्षा निरस्त होने की खबर मिलते ही दूर-दराज के जिलों से आए सैकड़ों अभ्यर्थियों में भारी निराशा और आक्रोश देखा गया। सूत्रों के हवाले से खबर है कि परीक्षा निरस्त होने का मुख्य कारण पेपर लीक होना बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे तकनीकी खराबी का नाम दिया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को आयोजित इस परीक्षा की पहली पाली (सुबह 10 बजे से 12 बजे तक) पूरी तरह शांतिपूर्ण संपन्न हो गई थी। इसके बाद दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होनी थी। नियमानुसार, परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले राजधानी भोपाल से एक मुख्य 'पासवर्ड' जारी किया जाता है, जिसे सिस्टम में डालने के बाद ही डिजिटल प्रश्नपत्र खुलता है। पहली पाली में पासवर्ड समय पर आ गया था, लेकिन दूसरी पाली के समय भोपाल से कोई पासवर्ड प्राप्त नहीं हुआ।
300 से अधिक अभ्यर्थी हुए परेशान
काफी देर इंतजार करने के बाद जब अभ्यर्थियों और केंद्र के शिक्षकों ने इस संबंध में पूछताछ की, तो अधिकारियों ने 'तकनीकी गड़बड़ी' का हवाला देते हुए परीक्षा निरस्त करने की घोषणा कर दी। परीक्षा देने के लिए रतलाम और आसपास के विभिन्न जिलों से करीब 300 से अधिक अभ्यर्थी इन केंद्रों पर पहुंचे थे। भीषण गर्मी में परीक्षा निरस्त होने से युवाओं की मेहनत और समय दोनों पर पानी फिर गया, जिससे वे बेहद मायूस नजर आए।
प्राइवेट कंपनी के हाथों में परीक्षा की कमान, उठे सवाल
सूत्रों से मिली जानकारी ने इस परीक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह महत्वपूर्ण सरकारी परीक्षा अब एक प्राइवेट कंपनी (आउटसोर्स कंपनी) के माध्यम से संचालित की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर सरकार और प्रशासन की ओर से केवल दो ही अधिकारी निगरानी के लिए मौजूद रहते हैं, जबकि बाकी का पूरा स्टाफ प्राइवेट कंपनी के ठेकेदारों द्वारा नियुक्त कर्मचारी होते हैं। ऐसे में इतनी संवेदनशील परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को प्राइवेट हाथों में सौंपने को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
अभ्यर्थियों का दर्द
"हम कई महीनों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दूसरे जिले से किराया लगाकर यहाँ पहुंचे, लेकिन यहाँ आकर पता चला कि परीक्षा ही निरस्त हो गई। यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है।"
फिलहाल, इस मामले में विभाग या प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन युवाओं में इस अव्यवस्था को लेकर गहरा रोष है।

