रतलाम / शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास
रतलाम, 01 अक्टूबर (इ खबर टुडे)। विशेष न्यायालय के न्यायाधीश रविन्द्र प्रताप सिंह चुण्डावत ने अनुसूचित जाति की महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और कुल 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
उपनिदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार ने बताया कि मामला रतलाम जिले के स्टेशन रोड थाने का है। पीड़िता जनवरी 2024 में एक ट्रैक्टर शोरूम में कार्य करती थी, जहाँ उसकी जान-पहचान आरोपी जगमोहन पिता ओमप्रकाश जोशी (उम्र 22 वर्ष, निवासी घाटा बिल्लोद, थाना सरदारपुर, जिला धार) से हुई। आरोपी ने खुद को बजाज फाइनेंस कंपनी रतलाम में कार्यरत बताया था।
विवाह का झांसा देकर किया दुष्कर्म
29 जनवरी 2024 को आरोपी ने पीड़िता को कॉल करके रतलाम स्थित अपने किराये के कमरे पर बुलाया और शादी का झांसा देकर उसकी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी लगातार पीड़िता को अपने कमरे पर बुलाकर दुष्कर्म करता रहा। 20 जून 2024 को भी आरोपी ने पीड़िता के साथ गलत काम किया।
जाति सूचक बातें कर विवाह से किया इंकार, दी धमकी
जब पीड़िता ने आरोपी पर शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने पीड़िता की जाति के बारे में जानते हुए भी विवाह करने से साफ इंकार कर दिया। इसके साथ ही घटना की जानकारी किसी को देने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी। डरी-सहमी पीड़िता ने आखिरकार हिम्मत जुटाकर घटना की जानकारी अपनी माँ और बहन को दी, जिसके बाद स्टेशन रोड थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया।
न्यायालय का फैसला
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और तर्कों के न्यायालय पर आरोपी जगमोहन को दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(N) और अजा/अजजा अधिनियम की धारा 3(2)(V) के तहत पृथक-पृथक सजा सुनाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000-1000 रुपये (कुल 2000 रुपये) के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक योगेश कुमार तिवारी ने की।

