मेरे घर के बाहर लगेगा पोस्टर, 'चंदा चोरी संगठन' का आना मना है: दिग्विजय सिंह
रतलाम, 27 जून (इ खबर टुडे)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शनिवार शाम को रतलाम दौरे पर पहुंचे। सर्किट हाउस पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद उन्होंने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर निर्माण में कथित 'चंदा चोरी', ईवीएम (EVM) की विश्वसनीयता, और भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए।
राम मंदिर निर्माण के नाम पर हुए कथित घोटालों का मुद्दा उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने संगठन पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा, "मैं अपने घर के बाहर बकायदा पोस्टर लगाऊंगा कि चंदा चोरी करने वाले संगठन का मेरे यहाँ आना पूरी तरह से वर्जित है।"
उन्होंने मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए धन की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सिंधी समाज के लोगों द्वारा दान दी गई 200 किलो चांदी की ईंटों और सोने के जेवरों की कोई रसीद नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए उन्होंने स्वयं भी चंदा दिया है, लेकिन मोदी जी द्वारा मनोनीत ट्रस्टियों के कार्यकाल में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है।
'खूब खाओ, खूब खिलाओ' की नीति पर चल रही भाजपा
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए भ्रष्टाचार कोई मुद्दा ही नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की तुलना करते हुए कहा, "कांग्रेस सरकार में अशोक चव्हाण जी को केवल एक फ्लैट अलॉटमेंट के विवाद के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं दूसरी तरफ भाजपा का तरीका है—'खूब खाओ और खूब खिलाओ, अकेले मत खाओ हमें भी हिस्सा दो, किसी भी मामले में फंसोगे तो हम बचाएंगे'।" उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन पर भाजपा ने खुद भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, उन्हें बाद में पार्टी में शामिल कर मुख्यमंत्री बना दिया गया।
ईवीएम हैकिंग और लोकसभा सीटों पर बड़ा दावा
चुनावों में कांग्रेस की हार या बढ़त खोने के कारणों पर बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने दो मुख्य वजहें बताईं—पहला, मतदाताओं को हिंदू-मुसलमान के नाम पर बांटना और दूसरा, ईवीएम का खेल।
तकनीक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब 18 साल का बच्चा सीबीएसई (CBSE) का पोर्टल हैक कर सकता है, तो ईवीएम का सॉफ्टवेयर क्यों हैक नहीं हो सकता? जब पत्रकारों ने सवाल किया कि यदि ईवीएम हैक हो सकती थी, तो लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटों पर क्यों सिमट गई? इस पर पलटवार करते हुए सिंह ने कहा कि भाजपा को ये 240 सीटें भी मुख्य रूप से गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से मिली हैं, जहाँ ईवीएम में खेल किया गया।
जमीन आवंटन और राहुल गांधी के मुद्दे पर दी सफाई
पत्रकार वार्ता के दौरान राहुल गांधी द्वारा कोर्ट में माफी मांगे जाने के सवाल पर उन्होंने बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने केवल एक बार कोर्ट की गरिमा रखते हुए माफी मांगी थी।
वहीं, 100 करोड़ रुपए की जमीन से जुड़े विवाद पर सफाई देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास इस मामले में गलत जानकारी है। यह पूरी तरह से 'गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट' (सरकारी) हस्तांतरण था। यह एक सरकारी न्यास (Trust) है जिसके पदेन अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होते हैं, और पूर्व में कमलनाथ भी इसके अध्यक्ष रह चुके हैं। इसलिए इसे निजी लाभ का मामला बताना पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन है।

