सैलाना में बड़ा हादसा टला: पाइप लाइन की खुदाई के दौरान गिरा विशाल नीम का पेड़, एक युवक घायल (देखिए वीडियो)
रतलाम, 01जून (इ खबर टुडे)। नगर के मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगर परिषद अध्यक्ष के निवास के समीप स्थित एक हरा-भरा विशाल नीम का पेड़ अचानक भरभराकर व्यस्त सड़क पर आ गिरा। इस हादसे की चपेट में आने से सैलाना निवासी अरुण (पिता राजेश राठौर) गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए घायल अरुण को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है, जहां फिलहाल उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, घटनास्थल के ठीक पास ही नगर परिषद द्वारा पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए जेसीबी से खुदाई का कार्य किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि लापरवाही पूर्वक की गई इस खुदाई के दौरान पेड़ की मुख्य जड़ें कट गईं, जिसके कारण मजबूत और हरा-भरा पेड़ अचानक अपना संतुलन खोकर सड़क पर गिर गया।
थम गया आवागमन, अंधेरे में डूबा इलाका
पेड़ गिरने की वजह से सैलाना का मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके अलावा, पेड़ बिजली के तारों को तोड़ते हुए नीचे गिरा, जिसके कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार कुलभूषण शर्मा तुरंत सैलाना अस्पताल पहुंचे और घायल युवक के स्वास्थ्य के संबंध में डॉक्टरों से जानकारी ली।
अस्पताल से लेकर जनप्रतिनिधियों तक तीखी नोकझोंक
इस घटना के बाद नगर में दो अलग-अलग जगहों पर भारी विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। पहला विवाद सैलाना अस्पताल के भीतर हुआ। घायल के इलाज के दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नगर परिषद के एक एल्डरमैन के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और कहासुनी हो गई। दूसरा विवाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में देखने को मिला, जहां एक स्थानीय पार्षद के पति और नगर परिषद
अध्यक्ष के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई।
सुरक्षा को लेकर लोगों में आक्रोश, जांच की मांग
खबर लिखे जाने तक नगर परिषद सैलाना, विद्युत मंडल (MPEB) और स्थानीय प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से राहत कार्य में जुटी थीं। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से भारी-भरकम पेड़ को हटाने और टूटे तारों को दुरुस्त कर बिजली बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, मुख्य मार्ग पर अभी भी आवागमन पूरी तरह बंद है। स्थानीय नागरिकों ने विकास कार्यों के दौरान पुराने और बड़े पेड़ों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है तथा इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

