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 सिंहस्थ 2028 : रेल मण्डल के डेढ दर्जन स्टेशनों का हो रहा है कायाकल्प,734 करोड की लागत के निर्माण कार्य जोरों पर

 स्टेशनों पर किया जा रहा है यात्री सुविधाओं का विस्तार 
 
 *** दो नए रेलवे स्टेशन 
*** कई नए प्लेटफार्म 
*** नए फुट ओवर ब्रिज 
*** नए ट्रेक नई यात्री गाड़िया 
 

 

रतलाम,28  अक्टूबर (इ खबरटुडे)। उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के आयोजन में अभी करीब डेढ वर्ष का समय शेष है,लेकिन रेलवे प्रशासन ने सिंहस्थ की तैयारियां बडे पैमाने पर प्रारंभ कर दी है। रेल मण्डल के डेढ दर्जन से अधिक रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। रेल प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशनों पर नई यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्टेशनों का कायाकल्प करने के लिए 734  करोड रु.लागत वाले अनेक काम प्रारंभ कर दिए है। इनमें कुछ स्टेशनों को अपग्र्रेड करने से लेकर नए फुट ओव्हर ब्रिजेस और क्राउड होल्डिंग फेसिलिटी बनाने जैसे काम शामिल है।

वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक सुश्री हीना केवलरमानी ने इ खबरटुडे को इन कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। रेल प्रशासन द्वारा विगत वर्षों में आयोजित हुए सिंहस्थ मेलों के आंकडों और हाल के दिनों में प्रयागराज में हुए महाकुंभ जैसे विशाल आयोजनों के आंकडों को ध्यान में रखते हुए यह अनुमान लगाया गया है कि सिंहस्थ के दौरान ट्रेनों से उज्जैन पंहुचने वाले यात्रियों की संख्या डेढ करोड से अधिक रह सकती है। रेल यात्रियों की इतनी बडी संख्या को देखते हुए उसी स्तर के व्यापक इंतजाम किया जाना जरुरी है।

रेल प्रशासन द्वारा मण्डल के रतलाम,उज्जैन और इन्दौर इन तीनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर व्यापक तैयारियां शुरु कर दी गई है। रतलाम रेलवे स्टेशन पर 12 माटर चौडाई का एक नया फुट ओव्हर ब्रिज बनाया जा रहा है,जो कि लिफ्ट और एस्केलेटर से जुडा होगा। पुराने मालगोदाम की इमारत को तोडा जा रहा है और यह फुट ओव्हरब्रिज उसी स्थान पर उतरेगा जहां,पुराना मालगोदाम था।  इसके अलावा पब्लिक एनाउंसमेन्ट सिस्टम,डिजीटल इन्फोर्मेशन सिस्टम,पेयजल बुथ और सुविधाघर बनाए जा रहे हैैं। 

इसी तरह उज्जैन में तीन नए फुट ओव्हर ब्रिज बनाए जा रहे हैैं,जिनमें से दो ब्रिज छ:मीटर चौडाई के रहेंगे जबकि एक ब्रिज 12 मीटर चौडा रहेगा। स्टेशन पर नई क्राउड होल्डिंग फेसिलिटी भी बनाई जा रही है। इसके अलावा नए पेयजल बूथ,सुविधाघर और सीसीटीवी सर्विलांस भी लगाए जा रहे हैैं। इन्दौर रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह के निर्माण कार्य किए जा रहे हैैं।

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नए ट्रैक - नए स्टेशन

सिंहस्थ के दौरान उज्जैन और नागदा रेलवे स्टेशनों पर पडने वाले दबाव को कम करने के लिए कुछ नए ट्रैक भी तैयार किए जा रहे हैैं। एक ट्रैक नई खेडी से चिंतामन गणेश वाया मोहनपुरा डाला जा रहा है। नए ट्रैक के कारण इन स्टेशनों पर पंहुचने वाली गाडियों को उज्जैन के मुख्य स्टेशन पर जाने की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी और उज्जैन स्टेशन पर पडने वाला गाडियों का दबाव भी कम हो सकेगा। इसी तरह नागदा के समीप भाटीसुडा रोहलखुर्द का एक नया रैलवे ट्रैक डाला जा रहा है,जिससे नागदा स्टेशन पर पडने वाला गाडियों का दबाव कम हो सकेगा। उज्जैन के नजदीक पवासा और मोहनपुरा दो नए रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैैं,जिससे यात्री गाडियों की उज्जैन स्टेशन पर जाने की अनिवार्यता समाप्त हो सकेगी।

साढे सात हजार से अधिक मेला स्पेशल गाडियां

रेलवे के अधिकारिक आंकडों के मुताबिक वर्ष 1004 के सिंहस्थ में 1088 मेला स्पेशल गाडियां चलाई गई थी,जबकि वर्ष 2016 में मेला स्पेशल गाडियों की संख्या बढकर 2747 हो गई थी। रेल प्रशासन की योजना है कि इस बार लगभघ्ग 7600 मेला स्पेशल गाडियां चलाई जाएगी। रेल यात्रियों की अत्यधिक संख्या के अनुमानों के चलते यह भी तय किया गया है कि मेला स्पेशल गाडियों में 24 कोच के मैमू रैक चलाए जाएंगे। इसके अलावा गाडियों को डबल हेडेड इंजिन लगाकर चलाया जाएगा। यानी गाडी में आगे और पीछे दोनो तरफ इंजिन लगाए जाएंगे,ताकि गाडियों को पीछे जाने के लिए शंटिंग ना करना पडे। इतनी बडी संख्या में मेला स्पेशल गाडियां चलाने के लिए करीब 70 रैक की व्यवस्था जुटाई जा रही है। मेला स्पेशल गाडियां प्रमुख रेलवे स्टेशनों के बीच लगातार चलती रहेगी। यानी रतलाम से उज्जैन और उज्जैन से इन्दौर के बीच लगातार गाडियां चलती रहेगी।