रतलाम / व्यवसायी अख्तर अली समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज
रतलाम,02 मार्च(इ खबरटुडे)। शहर के बडे व्यवसायी सैयद अख्तर अली और उनके भाई बहनों समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ स्टेशनरोड थाने पर धोखाधडी का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि इ खबरटुडे के रविवारीय स्तंभ राग रतलामी में उक्त व्यवसायी की आर्थिक स्थिति गडबडाने के स्पष्ट संकेत पहले ही दे दिए गए थे। अख्तर अली के खिलाफ धोखाधडी की शिकायत शहर के एक अन्य व्यवसायी विजय कटारिया ने दर्ज कराई है। पुलिस ने अख्तर अली परिवार के तीन पुरुषों व दो महिलाओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है,हांलाकि फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरियादी विजय पिता मांगीलाल कटारिया ने स्टेशन रोड थाने पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि चार वर्ष पूर्व 2021 में सर्वे क्रमांक 221 /1 और 221 /2 जो की 2 .2350 व 2 .2350 हेक्टेयर भूमि का सौदा पांच भाई बहन आरोपी अख्तर अली, अफसर अली, मोह्हबत अली, अलताब बी, फिरोज बी से 2 करोड़ 70 लाख रुपए में करार हुआ था। जिसका 90 लाख रुपए मेने बतौर एडवांस दिया था। करार के अनुसार बाकी का बचा हुआ पेमेंट दो वर्ष बाद रजिस्ट्री होने पर देना था।
फरियादी जब भी अख्तर अली से रजिस्ट्री करवाने या 90 लाख रुपए देने का कहता तो आरोपी अख्तर टालमटोली कर देता और बहाने बनाने लग जाता। मामले को अब चार वर्ष बीत गए परन्तु अभी तक आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित फरियादी विजय ने पुलिस को शिकायत दर्ज की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो महिला सहित पांच आरोपियों पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि उक्त भूमि बेचान करार से पूर्व बैंक में गिरवी रख कर लोन लिया हुआ था। आरोपियों ने उसी दरमियान उक्त भूमि का बैंक लोन चूका दिया और आरोपी अफसर अली, मोह्हबत अली, अलताब बी, फिरोज बी ने छल करते हुए पूरी भूमि को अख्तर अली के नाम हक़ त्याग की रजिस्ट्री करवा दी। आरोपी अख्तर अली ने कुछ दिनों बाद उक्त भूमि बेटे मुर्तजा अली के नाम रजिस्ट्री करवा दी। मुर्तजा अली ने उक्त भूमि को एच डी एफ़ सी बैंक में रखकर फिर लोन ले लिया। पुरे मामले में पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
बता दे की, उक्त आरोपियों की हकीकत पिछले सप्ताह 'इ खबर खबर टुडे' के हर रविवार को जारी होने वाले 'राग रतलामी' कॉलम ने उजागर की थी। इ खबर टुडे ने आरोपियों के हर पहलुओं की बारीकी से विस्तृत जानकारी सांझा की थी। आरोपियों ने सरकारी बैंको को ही नहीं बल्कि प्रायवेट बैंको से भी धोखाधड़ी करने में नहीं बख्शा है।

