रतलाम / भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में डीडी नगर थाने पर केस दर्ज, थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के निर्देश
रतलाम, 20 मई (इ खबर टुडे)। जिले में आमजन की शिकायतों पर त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सख्त रुख अपना रहे हैं। इसी कड़ी में डीडी नगर क्षेत्र में एक बुजुर्ग की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। वहीं, इस मामले में कथित लापरवाही बरतने पर एसपी ने थाना प्रभारी के विरुद्ध प्रारंभिक जांच (डीई) के आदेश देकर कड़ा संदेश दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुभाष मार्ग धानमंडी निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग फरियादी शरद पिता वसंत पुरोहित ने थाना डीडी नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी के पास डीडी नगर क्षेत्र में स्थित प्लॉट क्रमांक 237 और 238 की वैध रजिस्ट्री व संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी कमलेश टॉक और राजेश टॉक द्वारा उक्त प्लॉटों पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है।
आरोपी जबरन वहां अपने वाहन खड़े करते हैं और जब बुजुर्ग इसका विरोध करते हैं, तो वे विवाद करते हुए धमकी देते हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीडी नगर थाने में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 339/2026, धारा 329(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
लापरवाही पर एसपी का कड़ा रुख, शुरू हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस पूरे मामले में थाना स्तर पर लापरवाही बरतने की बात सामने आने पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने गंभीर संज्ञान लिया है। एसपी ने तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी के विरुद्ध प्राथमिक जांच शुरू कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन की शिकायतों पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई हो; किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा।
भूमि संबंधी विवादों के लिए एसपी ऑफिस में विशेष शिविर
भूमि संबंधी शिकायतों और विवादों के त्वरित निराकरण के लिए एसपी अमित कुमार के निर्देश पर आगामी 7 दिनों तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय रतलाम के सभागृह में एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिले के किसी भी थाना क्षेत्र से पीड़ित और फरियादी अपनी भूमि संबंधी शिकायतें एवं वैध दस्तावेज लेकर इस शिविर में पहुंच सकते हैं।
शिविर के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं मौजूद रहकर दस्तावेजों का परीक्षण करेंगे, त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और फरियादियों को आवश्यक मार्गदर्शन देंगे। इसके साथ ही लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित थाना प्रभारियों को मौके पर ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

