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 रतलाम / सर्किल जेल में बंद 19 वर्षीय बंदी ने लगाया यौन शोषण का आरोप, कोर्ट के आदेश से मचा हड़कंप

 ​कोर्ट ने दिए मेडिकल बोर्ड से जांच और सीजेएम के समक्ष बयान दर्ज कराने के निर्देश; जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
 
 

​रतलाम, 11 मई (इ खबर टुडे)। रतलाम जिला सर्किल जेल की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत जेल में बंद एक 19 वर्षीय युवक ने एक अन्य बंदी पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने तत्काल मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं, जिसके बाद से जेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक को कुछ समय पूर्व मादक पदार्थ तस्करी (NDPS) के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। युवक का आरोप है कि जेल के भीतर ही दुष्कर्म के मामले में बंद एक अन्य कैदी ने उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया। पीड़ित का दावा है कि उसने घटना की जानकारी जेल प्रशासन को दी थी, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया।

​पिता के सामने छलका दर्द, तब पहुँचा मामला कोर्ट
​घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित के पिता उससे मिलने जेल पहुंचे। युवक ने आपबीती सुनाते हुए पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने पहले जेल प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया। अधिवक्ता देवेंद्र भटनागर ने 8 मई को जेल जाकर पीड़ित से मुलाकात की और तथ्यों की पुष्टि की।

​इसके पश्चात, पीड़ित के पिता के शपथ-पत्र के साथ जावरा स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन में निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई गई थी।

​न्यायालय ने दिए कड़े निर्देश
​विशेष न्यायालय ने मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जिला जेल प्रशासन को ​पीड़ित का परीक्षण मेडिकल बोर्ड या मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा अनिवार्य रूप से कराया जाए और ​मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के समक्ष पीड़ित के बयान दर्ज कराए जाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके जैसे कड़े निर्देश जारी किए हैं। 

​प्रशासनिक प्रतिक्रिया
​न्यायालय के सख्त रुख के बाद जेल प्रशासन सक्रिय हो गया है। जेल अधीक्षक लक्ष्मणसिंह भदौरिया ने मीडिया को बताया कि मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित बंदी का मेडिकल परीक्षण सोमवार को कराया जाएगा।

कानूनी पक्ष
​अधिवक्ता देवेंद्र भटनागर ने कहा, "जेल जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की घटना होना चिंताजनक है। हमने न्यायालय से निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब मेडिकल रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट के सामने होने वाले बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।"