सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार से 120 किलो डोडाचूरा जब्त, आरोपी फरार
रतलाम, 04 जून (इ खबर टुडे)। जिले में अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत माननखेड़ा चौकी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त खड़ी एक संदिग्ध क्रेटा कार से 120 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया है। जब्त मादक पदार्थ और कार की कुल कीमत करीब 17.40 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, एएसपी विवेक कुमार और एसडीओपी जावरा संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के नेतृत्व में पुलिस टीम इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 जून को एक राहगीर ने सूचना दी कि ताऊ के ढाबे के पास एक क्रेटा कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में खड़ी है। सूचना मिलते ही माननखेड़ा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेश मालवीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां सफेद रंग की क्रेटा कार (क्रमांक GJ-08-FA-3766) लावारिस हालत में खड़ी मिली। कार पूरी तरह लॉक थी और उसके शीशों पर अंदर से काली जाली लगी हुई थी।
लॉक तोड़कर ली तलाशी, अंदर मिले चार बोरे
कार संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में गाड़ी का लॉक तोड़ा। जब कार की तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। कार के भीतर प्लास्टिक के चार बोरे रखे हुए थे, जिनमें 120 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा भरा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के नियमों का पालन करते हुए मादक पदार्थ और कार को विधिवत जब्त कर लिया। बाजार में डोडाचूरा की कीमत करीब 2.40 लाख रुपये और कार की कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
आरटीओ से निकाली जा रही है मालिक की कुंडली
रिंगनोद थाना पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ अपराध क्रमांक 219/2026, धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरटीओ कार्यालय से कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए उसके मालिक का पता लगा रही है, ताकि तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में रिंगनोद थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह आजाद, चौकी प्रभारी एसआई राजेश मालवीय, प्रधान आरक्षक हर्षवर्धन सिंह जगावत, आरक्षक घनश्याम कुमावत, संतोष कुमार, अनिल डांगी और सैनिक सुरेश उपाध्याय, जालमसिंह व शांतिलाल बामनिया का विशेष योगदान रहा।

