कारोबार

लगातार गिर रहे Pi coin के रेट, पीछे के कारण जानकर चौंक जाएंगे

You will be shocked to know the reasons behind the continuously falling rates of Pi coin.

पाई कॉइन के रेट लगातार गिर रहे हैं। इस कारण निवेशकों को बड़ा नुकसान हो रहा है। जिन लोगों ने काफी उम्मीद के साथ पाई की माइनिंग की थी, उनको भी निराश होना पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह में ही पाई कॉइन 25.34 प्रतिशत तक गिर गया है। पिछले सप्ताह पाई कॉइन की कीमत 1.54 डॉलर थी, जो अब घटकर एक डाॅलर से भी नीचे आ गई हैं। लगातार पाई कॉइन के रेट में आ रही गिरावट के कारण निवेशक परेशान हो रहे हैं।


वैसे तो क्रिप्टो करंसी में अनि​श्चितता बनी हुई है। हर क्रिप्टो के रेट गिर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ क्रिप्टो करंसी के रेट फिर बढ़ने लग गए, वहीं पाई कॉइन के रेट बढ़ने की बजाय लगातार गिर रहे हैं। इस गिरावट का मुख्य कारण बाइनेंस पर लि​स्टिंग में हो रही देरी, माइग्रेशन की समस्या तथा एफओएमसी की बैठक को लेकर अनि​श्चितता के कारण है। वहीं कुछ टोकन बिना वेरिफाई के ही बर्न कर दिए गए। इसी कारण पाई कॉइन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।


अमेरिका फेडरल रिजर्व का प्रभाव
वै​श्विक बाजार में अनिश्चतता पैदा करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की एफओएमसी की बैठक भी बताई जा रही है। इस बैठक के कारण बाजार में हलचल है। निवेशकों को उम्मीद थी कि इस बैठक में दर में कटौती के संकेतों के साथ एक सहायता भरा रुख होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। फेड के सख्त रुख के कारण क्रिप्टो बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। इस बैठक में कुछ ऐसा हुआ कि लोग क्रिप्टो बाजार में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं। इसी कारण निवेशकों ने अपने पाई कॉइन बेचने शुरू कर दिए।


लेकिन फेड के सतर्क दृष्टिकोण के कारण क्रिप्टो क्षेत्र में व्यापक बिकवाली का दबाव बना, जिसमें Pi कॉइन भी शामिल है। आसान भाषा में कहें तो, फेडरल रिजर्व की मीटिंग में कुछ ऐसा हुआ कि लोगों को लगा कि अब क्रिप्टो में पैसा लगाना ठीक नहीं है। इसलिए सबने अपने Pi कॉइन बेचने शुरू कर दिए, जिससे इसकी कीमत गिर गई।


टोकन बर्न करना भी बना समस्या
आंकड़ों पर नजर डालें तो पाई कॉइन की कुल सप्लाई 100 बिलियन है। फिलहाल 6.84 टोकन ही सर्कुलेशन में हैं। कुछ टोकन को बिना अकाउंट वेरिफाई किए बर्न कर दिया। यह भी एक समस्या बनी, जिस कारण कीमतों में कमी आई। टोकन बर्न तो कर दिए लेकिन, इनकी अभी तक अ​धिकारिक पु​ष्टि नहीं की गई है। इसी कारण पाई निवेशकों में अनि​श्चितता है।


नहीं हो पाई बाइनेंस पर लिस्ट
पाई कॉइन आज तक बाइनेंस पर लिस्ट नहीं हो पाया। लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद थी कि बाइनेंस पर लिस्ट होने के बाद इस कॉइन की कीमतें बढ़ेंगी, लेकिन अभी तक बाइनेंस पर लिस्ट नहीं होने के कारण इस कॉइन के प्रति लोगों का विश्वास नहीं बढ़ पाया है। बाइनेंस क्रिप्टो की सबसे बड़ी एक्सचेंज है। आज तक इस एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं होना भी इसके भाव गिरने का एक कारण माना जा रहा है।


माइग्रेशन के कारण बढ़ी समस्या
पाई टोकन के माइग्रेट होने में भी समस्या आ रही है। इस माइग्रेशन ने भी बाजार को प्रभावित किया है। काफी यूजर्स ने माइग्रेशन ग्रेस पीडियड खत्म होने के कारण अपने टोकन खो दिए हैं, इससे लोगों में निराशा हुई है। वहीं माइग्रेशन के कारण बदलाव भी हो रहे हैं, जिस कारण पाई नेटवर्क लोगों में विश्वास नहीं बना पाया और लोगों ने कॉइन बेचने शुरू कर दिए।


भविष्य क्या होगा
यदि पाई कॉइन बाइनेंस पर लिस्ट हो जाता है तो इसकी कीमतों में उछाल आ सकता है। इसके अलावा फेड दर में कटौती की घोषणा के संकेत मिलते हैं तब भी इसमें सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा इस प्रयोग पर भी इसकी कीमत डिपेंट करेगी। जितना अ​धिक अन्य कार्यों व लेनदेन में इस कॉइन का प्रयोग होगा, उतनी ही इसकी कीमतें बढ़ सकती हैं।

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