मध्यप्रदेश सरकार ने नए वित्त वर्ष से कुछ बड़े बदलाव किए, बढ़े बिजली के दाम, 300 यूनिट पर 72 रुपये बढ़े

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने नए वित्त वर्ष से कुछ बड़े बदलाव किए हैं। इनमें सबसे बड़ी मार बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगी। यदि आप 300 यूनिट बिजली से ज्यादा खपत करते हैं तो आपको 74 रुपये ज्यादा देने पड़ेंगे। इसके अलावा यदि आपको किसी प्रोपर्टी की रजिस्ट्री करवानी है तो आपको 26 प्रतिशत अधिक टैक्स या स्टांप ड्यूटी देनी पड़ेगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने अपने बजट में कुछ घोषणाएं की थी, यह भी एक अप्रैल से लागू हो गई हैं। इनमें लोगों को कुछ चीजों के लिए अपनी जेब अब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। बिजली, पानी, मकान खरीदने और हाइवे पर चलने के लिए अब आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। विद्युत नियामक आयोग ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए बिजली की दरों में 3.46 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। यह दरें एक अप्रैल से लागू हो चुकी हैं।
टिफिकेशन जारी कर बिजली की दरों में 3.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। तीन साल में नियामक ने 2 बार बिजली के दाम बढ़ाए हैं। अब घरेलू और कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को एक यूनिट बिजली के दाम 3.46 प्रतिशत ज्यादा देने होंगे। पिछले तीन साल में मध्य प्रदेश में दो बार बिजली के रेट बढ़ाए हैं। इसके लिए अलग-अलग स्लैब बनाए गए हैं। इसके अलावा राजधानी भोपाल में कलेक्टर रेट भी बढ़ाए गए हैं। प्रदेश में 1800 से ज्यादा क्षेत्रों में प्रोपर्टी के रेट बढ़ाए गए हैं। ऐसे में आपको नए रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी देनी पड़ेगी।
प्रदेश के विद्युत नियामक आयोग ने नए टैरिफ प्लान जारी कर दिए हैं। इसमें 3.46 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। बिजली उपभोक्ताओं को अब हर यूनिट पर 18 पैसे ज्यादा चुकाने होंगे। यह बढ़ोतरी घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए लागू की गई है। बिजली बिलों में एनर्जी चार्ज, फिक्स, फ्यूल कास्ट तथा ड्यूटी चार्ज जुड़ते हैं। बिजली की दरों के हिसाब से ही सभी प्रकार के चार्ज घटते तथा बढ़ते रहते हैं। अब नए नियमों के तहत आयोग ने फिक्स चार्ज को खत्म कर दिया है। मध्यप्रदेश में इस समय एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को सरकार 150 यूनिट बिजली पर सब्सिडी देती है। अटल गृह ज्योति योजना के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं से अब 24 रुपये का अतिरिक्त बिल लिया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता 150 यूनिट तक बिजली की खपत करता है तो उसे 100 रुपये का ही भुगतान करना पड़ेगा।
20 प्रतिशत की छूट
जिन बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं, उनको अब 20 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा सरकार ने की है। यह छूट सुबह नौ बजे से शाम पांच तक आठ घंटे तक उपयोग हुई बिजली की खपत पर दी जाएगी। बाकी समय में जितनी बिजली आप उपयोग करेंगे उसका 10 प्रतिशत ज्यादा आपको देना होगा। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि गर्मियों में सोलर पैनल अन्य मौसम की तुलना में अधिक बिजली पैदा करते हैं। इसलिए दिन में छूट देने का प्रावधान किया गया है। स्मार्ट मीटर की जो लागत हुई है, मरम्मत तथा डाटा भेजने का जो खर्च हुआ है, वह टैरिफ में जुड़कर आएगा। दस साल तक उपभोक्ताओं से 25 हजार रुपये इस खर्च के वसूले जाएंगे।
किसानों पर भी असर
मध्यप्रदेश में ऐसे 37 लाख किसान हैं, जो अपने खेतों में बिजली प्रयोग करते हैं। इन किसानों पर भी 20 पैसे प्रति यूनिट का बोझ बढ़ गया है। जो किसान खेतों में अपने पंपों के जरिये 300 यूनिट या फिर 300 से लेकर 750 यूनिट खर्च करेगा, उसे 18 पैसे प्रति यूनिट अधिक देने होंगे। किसानों को 750 रुपये प्रति हॉर्स पावर के अंतर का पैसा आयोग को सरकार देगी।
टोल टैक्स भी बढ़ा
एक अप्रैल से पूरे देश में टोल टैक्स के रेट बढ़ गए हैं। इसका सभी राज्यों पर पड़ा है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर अभी तक टोल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर-देवास बायपास, मांगलिया और इंदौर-अहमदाबाद माछलिया घाट टोल पर पैसे बढ़ा दिए गए हैं। इन पर एक से लेकर 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि स्टेट हाइवे पर यह वृद्धि 7.5 प्रतिशत रही।