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एक व्य​क्ति के बैंकों में कितने खाते, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह

 
एक व्य​क्ति के बैंकों में कितने खाते, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह

आजकल बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके एक से अ​धिक बैंकों में खाते हैं। काफी लोग निजी कंपनियों में काम करते हैं। जब वह एक कंपनी से दूसरी बदलते हैं तो उनको उसी कंपनी के हिसाब से अपना सेलरी अकाउंट कंपनी के बताए बैंक खुलवाया पड़ता है। सोशल मीडिया पर अफवाहें चल रही हैं कि एक व्य​क्ति के एक से अ​धिक बेंकों में खाते नहीं हो सकते, लेकिन यह सब फर्जी है। यदि आपके एक से अ​धिक बैंकों में खाते हैं तो उसका नुकसान यह हो सकता है कि उन सभी खातों को मेनटेन करने में आपको परेशानी हो सकती है। इसलिए उतने ही खाते खोलें, जितनी आपको जरूरत हो।


पिछले दिनों से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि यदि एक व्य​क्ति एक से अ​धिक बैंकों में अपना खाता खोलेगा तो उसको जुर्माना लग सकता है। इस पोस्ट में आरबीआई के पूर्व गवर्नर श​क्तिकांत दास का भी जिक्र किया गया है। श​क्तिकांत की तरफ से इस पोस्ट में कहा गया है कि आरबीआई ने नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के अनुसार कोई व्य​क्ति एक से अ​धिक बैंकों में खाते नहीं खोल सकता। जब इस पोस्ट के बारे में जांच की गई तो यह फर्जी निकली। प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो की तरफ से बताया गया कि यह पोस्ट फर्जी है। आरबीआई की तरफ से ऐसी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई हैं। इस प्रकार का दावा पूरी तरह से फर्जी है। ब्यूरो की तरफ से कहा गया कि हमें ऐसी झूठी खबरों को पोस्ट नहीं करना चाहिए। इसके अलावा ऐसी अफवाहों से भी बचना चाहिए। एक व्य​क्ति कितने भी बैंक खाते खोल सकता है, इसके बारे में कोई गाइडलाइन नहीं हैं।


बैंक खातों की नहीं सीमा तय

आरबीआई की तरफ से बैंक खातों को लेकर कोई गाइडलाइन तय नहीं की गई है। कोई भी व्य​क्ति अपने कितने भी बैंक खाते खोल सकता है। उसके लिए आप अपनी जरूरत के अनुसार ही बैंक खाते खोल सकते हैं।


अ​धिक खातों का नुकसान

यदि आपके कई बैंकों में खाते हैं तो आरबीआई की तरफ से कोई मनाही नहीं है, लेकिन इसका नुकसान आपको हो सकता है। आजकल बैंकों में जुर्माने से बचने के लिए आपको औसतन बैलेंस रखना जरूरी है। यदि आप औसतन बैलेंस नहीं रखते हैं तो आपको इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे आपका सिबल स्कोर भी खराब हो सकता है।