जिले में सोयाबीन फसल पर वायरस और कीटों का कहर
Neemuch News: जिले के कई क्षेत्रों में इस साल सोयाबीन की फसलें भारी नुकसान झेल रही हैं। लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव, कम या अधिक बारिश और पीला मोजेक वायरस के साथ-साथ इल्लियों के हमले ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई किसानों ने महंगे बीज खरीदकर बुवाई की थी, लेकिन अब उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
पीला मोजेक वायरस से प्रभावित पौधों की पत्तियां पीली होकर सूख रही हैं, जिससे पैदावार में काफी कमी आई है। इल्लियों ने भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सोयाबीन के साथ ही उड़द, मूंगफली और मक्का जैसी फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि कुछ खेतों में फलियां तक नहीं आई हैं, जिससे लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
पिछले कई सालों से प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले किसानों ने बताया कि उन्हें सरकार और बीमा कंपनियों से समय पर मदद नहीं मिली। कुछ किसानों को नाम मात्र का मुआवजा मिला, जबकि कई को कोई सहायता नहीं मिली। कर्ज लेकर बुवाई करने वाले किसान अब आर्थिक दबाव में हैं।किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे किया जाए और उचित मुआवजा व फसल बीमा क्लेम जल्द दिलाया जाए। उनका कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिली, तो कई किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।
इस स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फसल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाना अत्यंत जरूरी है। मौसम के अनिश्चित पैटर्न और प्राकृतिक खतरों से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी और प्रशासनिक सहयोग ही किसानों की फसल और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।