फल-सब्जी मंडी और आंबेडकर मार्ग पर पुराने विद्युत पोल बने खतरे का कारण
Neemuch News: शहर की फल-सब्जी मंडी और आंबेडकर मार्ग पर लंबे समय से विद्युत पोलों की समस्या बनी हुई है। मुख्य बाजार में दुकानों के सामने नए गार्डर वाले बिजली पोल लगाए जाने के बाद भी नगरपालिका द्वारा पुराने पोल नहीं हटाए गए। इन पोलों को पहले स्ट्रीट लाइट के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन अब अधिकतर स्थानों पर बिजली कंपनी के पोल पर ही स्ट्रीट लाइटें लग चुकी हैं। इसके बावजूद पुराने पोल जस के तस खड़े हैं और लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
स्थिति यह है कि कई जगह एक ही स्थान पर दो-दो पोल खड़े हैं। दुकानों के सामने लगे इन पोलों पर तारों का जाल फैला हुआ है और स्ट्रीट लाइटें भी लगी हुई हैं। बरसात के समय या फाल्ट आने पर इनमें से अक्सर चिंगारी निकलती रहती है, जिससे करंट फैलने का डर बना रहता है। हादसों से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने कुछ पुराने पोलों को बिजली कंपनी के नए पोलों से बांध दिया है।
आंबेडकर मार्ग पर भी यही हाल है। यहां करीब पाँच वर्ष पहले नपा द्वारा जर्जर पोल बदले गए थे, लेकिन हटाए गए पुराने पोलों को सड़क के डिवाइडर पर ही पटक दिया गया। कुछ पोल तिरछे होकर सड़क पर झुक गए, जिससे राहगीरों को परेशानी होती है। शिकायतों के बावजूद इन पोलों को हटाया नहीं गया।
समाजसेवियों का कहना है कि मुख्य मार्ग और कॉलोनियों से जुड़ी गलियों में नई लाइन डालने के लिए बिजली कंपनी ने गार्डर पोल लगाए थे, ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्थित हो सके। लेकिन नगरपालिका द्वारा लगाए गए पुराने पोल न हटाने से समस्या और बढ़ गई है। दुकानों के सामने पास-पास लगे पोलों के कारण जगह कम बचती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थिति और अधिक खतरनाक है।
जानकार बताते हैं कि शहर में पहले अलग से स्ट्रीट लाइट के लिए छोटे पोल लगाए जाते थे। अब बिजली कंपनी के पोलों पर ही स्ट्रीट लाइटें फिट कर दी जाती हैं। ऐसे में अतिरिक्त पोल लगाने की आवश्यकता नहीं रह गई है। पोलों की संख्या अधिक होने से करंट फैलने का भय भी रहता है। यही कारण है कि नागरिक लगातार पुराने पोल हटाने की मांग कर रहे हैं।
नगरपालिका की विद्युत शाखा स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदार है। जब भी लाइट बंद होती है, मरम्मत के दौरान पुराने पोल बाधा बनते हैं। मार्केट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में एक के पास एक पोल होने से तकनीकी काम में भी दिक्कत आती है।
स्थानीय निवासी और व्यापारी कई बार शिकायत कर चुके हैं कि बारिश के दिनों में तारों पर पानी गिरने से स्पार्किंग होती है। दुकानों और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में रहती है। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी है।
नगरपालिका अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में जल्द निरीक्षण किया जाएगा। जहां डिवाइडर पर पोल पड़े हैं उन्हें प्राथमिकता से हटवाया जाएगा। साथ ही, जिन स्थानों पर पुराने और नए पोल पास-पास खड़े हैं, वहां की स्थिति देखकर उचित कदम उठाए जाएंगे।