अंडरब्रिज मार्ग पर जालियों की स्थिति: दुर्घटनाओं का खतरा
Neemuch News: नीमच जिले में बघाना अंडरब्रिज मार्ग पर नाले को कवर करने के लिए लगाए गए लोहे के जालियों का हाल बेहाल हो चुका है। कुछ महीनों के भीतर ही इन जालियों पर वाहन गुजरने से यह अंदर की ओर धंसने लगी हैं, और जालियों के सरिये भी बाहर निकलने लगे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
अंडरब्रिज मार्ग पर स्थित अंडखाउंड नाले के खुले चैंबरों को ढंकने के लिए नगरपालिका ने लोहे की एंगल वाली जालियां लगवाई थीं। हालांकि, इन जालियों का निर्माण और स्थिति इतनी कमजोर है कि वाहनों के भार से वे बार-बार धंस रही हैं और टूटने की कगार पर पहुंच गई हैं। कई जगह से जालियों के सरिये बाहर निकल आए हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाओं का भय बना रहता है।
दो दिन पहले ही एक बाइक सवार चालक, जो तेज़ी से आ रहा था, चैंबर पर रखी नाली के कारण गिर पड़ा, लेकिन शुक्र है कि रफ्तार कम थी, और बड़ी दुर्घटना टल गई। अगर यही स्थिति बनी रही, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इसके अलावा, पुराने अंडरब्रिज के पास स्थित नाले की जालियां भी अंदर की ओर धंस रही हैं, और कुछ जगहों पर तो जालियों के हिस्से गायब हो गए हैं। यह न सिर्फ वाहनों के लिए खतरे का कारण बन रहा है, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी जोखिमपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है।
पिछले कुछ सालों में बारिश के दौरान पानी के रुकने की समस्या भी थी, जिससे सड़क पर पानी जमा हो जाता था। इसके समाधान के लिए नगरपालिका ने वर्ष 2022 में सवा करोड़ रुपये से नाले का अंडरग्राउंड निर्माण किया और सीसी रोड की मरम्मत की। हालांकि, यह समस्या पूरी तरह से हल नहीं हुई और अंडरग्राउंड नाले के ओपन चैंबर को कवर करने के लिए लगाए गए लोहे के एंगल वाली जालियों का निर्माण भी पूरी तरह से सही नहीं हुआ।
बार-बार की मरम्मत के बावजूद जालियां जल्दी टूट जाती हैं। बारिश के मौसम में इनकी स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।
लोक निर्माण विभाग के सभापति ने बताया कि इस समस्या को हल करने के लिए इंजीनियर को भेजकर इस सप्ताह निरीक्षण करवाया जाएगा। निरीक्षण के बाद जो रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर और सुधार कार्य किए जाएंगे।
हालांकि, कई बार की शिकायतों और छोटे-मोटे हादसों के बाद प्रशासन को जागरूक किया गया है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकाला जा सका है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब बारिश के दिनों में सड़क पर पानी जमा होने के कारण और भी परेशानी बढ़ जाती है।