Mandsaur News: सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और जरूरी संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को भटकना पड़ रहा है। यहां अस्पताल की नई बिल्डिंग बन चुकी है। बावजूद ना तो विशेषज्ञ डॉक्टर है और ना स्त्री रोग विशेषज्ञ। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते रविवार को नगर बंद रहा। टाइगर फोर्स के आह्वान पर दोपहर तक दुकानदारों ने दुकानें बंद रखकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
इसमें बताया कि शहर की आबादी करीब 50 हजार है। आसपास के 150 गांवों के लोग सरकारी अस्पताल पर निर्भर है। यहां रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। वहीं महिलाएं डिलीवरी के लिए आती हैं लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण इन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। हाल ही में यहां से 2 अनुभवी महिला डॉक्टरों का तबादला कर दियागया। उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। स्थिति यह है कि अस्पताल की नसें महिलाओं को निजी अस्पताल में प्रसव कराने की सलाह देती हैं।
आसपास के 150 गांवों के लोगों को आपात स्थिति में निजी अस्पतालों या मंदसौर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इससे समय और पैसे की बर्बादी होती है। गर्भवती महिलाओं और नवजात की सेहत पर भी असर पड़ता है। अस्पताल में कुछ संसाधन हैं लेकिन उन्हें चलाने के लिए विशेषज्ञ और ऑपरेटर नहीं है।
लोग इलाज कराने राजस्थान जाते हैं
कई गंभीर मामलों में मरीजों को जिला मुख्यालय रेफर करते हैं लेकिन 60 किमी दूरी होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदसौर की तुलना में लोग इलाज कराने राजस्थान जाते हैं।
मांगें नहीं मानीं तो प्रदर्शन करेंगे
हिंदुस्तान टाइगर फोर्स ने तहसीलदार कोमल राय सुनहरे को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, विधायक, कलेक्टर और सीएमएचओ के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की कि सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करें और संसाधनों को चालू करवाएं। साथ ही कहा कि मांगें नहीं मानीं तो जिला बंद, चक्काजाम और नगर बंद आंदोलन किया जाएगा।
इससे पहले कांग्रेस और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने भीधरना-प्रदर्शन कर इस मुद्दे को उठाया था। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन लंबे समय से शामगढ़ में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग कर रहे हैं। रविवार की सुबह 6 से दोपहर 1 बजे तक हिंदुस्तान टाइगर फोर्स के आह्वान पर नगर बंद रहा।

