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शराब की लत से आजादी: एल्कोहॉलिक्स एनोनिमस (A.A.) इंडिया मना रहा है 91वां वर्ल्डवाइड फाउंडेशन डे

 
 

रतलाम / मुंबई, 10 जून (इ खबर टुडे)। शराब की लत से जूझ रहे लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरा संगठन, एल्कोहॉलिक्स एनोनिमस (A.A.) इंडिया, आज अपना 91वां वर्ल्डवाइड फाउंडेशन डे मना रहा है। 10 जून, 1935 को शुरू हुई यह ग्लोबल फेलोशिप आज दुनिया भर के 183 देशों में फैल चुकी है, जिसके माध्यम से लगभग 40 लाख लोग शराब की लत को छोड़कर एक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

वर्तमान में, A.A. पूरे भारतवर्ष में एक अत्यंत जरूरी लाइफलाइन के रूप में काम कर रहा है। देश भर में इसके 4,000 से अधिक सक्रिय समूह हैं, जिनकी मदद से लगभग 50,000 से ज्यादा लोग शराब से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। यह फेलोशिप पूरी तरह से आपसी सहयोग और अनुभवों को साझा करने पर आधारित है।

सामाजिक संकोच को दूर करने की अनूठी पहल
इस 91वें स्थापना दिवस के मौके पर देश भर के विभिन्न A.A. समूहों द्वारा जन सूचनार्थ कार्यक्रम (Open Informational Meetings) और सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

भारत के जनरल सर्विस ऑफिस (GSO) के पी. आई. चेयरमैन ने इस मौके पर कहा "शराब की लत एक बढ़ती हुई बीमारी है जो शारीरिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्थिरता और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह तबाह कर देती है। इस 91वीं सालगिरह पर हमारा सीधा संदेश है: शराब से रिकवरी संभव है, और आपको इस रास्ते पर अकेले चलने की ज़रूरत नहीं है। A.A. की कोई फीस नहीं है; इसकी सदस्यता के लिए सिर्फ शराब छोड़ने की इच्छा होना ही काफी है।"

यह संगठन किसी जाति, वर्ग, धर्म या विशेष विचारधारा से परे होकर काम करता है और 12 कदमों (12 Steps) वाले आध्यात्मिक व रिकवरी कार्यक्रम के जरिए लोगों की मदद करता है, जिसमें अनामिकता (Anonymity) और जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखा जाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कैसे हुई शुरुआत? वैश्विक इतिहास 
A.A. की शुरुआत मई 1935 में अमेरिका के अक्रोन (ओहायो) शहर में हुई थी। इसके संस्थापक न्यूयॉर्क के स्टॉकब्रोकर बिल विल्सन (बिल डब्ल्यू.) और एक्रोन के सर्जन डॉ. बॉब स्मिथ (डॉ. बॉब) थे। दोनों ही अपनी शराब की लत के कारण जीवन का नियंत्रण खो चुके थे। बिल को अहसास हुआ कि खुद को सोबर (शराब से दूर) रखने के लिए उन्हें किसी दूसरे शराबी से बात करने की जरूरत है। उनकी मुलाकात डॉ. बॉब से हुई। दोनों की बातचीत के बाद, डॉ. बॉब ने 10 जून, 1935 को आखिरी बार शराब पी, और इसी दिन को संगठन का ऑफिशियल फाउंडेशन डे माना गया।

भारत में A.A. का सफर
1956-57: नई दिल्ली में इंडियन नेवी के मनोचिकित्सक डॉ. डी'नेटो ने सिल्विया एम. (एक इंग्लिश हाउसवाइफ) को न्यूयॉर्क GSO से संपर्क करने की सलाह दी।

चार्ली एम. का आगमन: जनवरी 1957 में कैनेडियन एम्बेसी में ट्रांसफर होकर आए A.A. सदस्य चार्ली एम. ने सिल्विया और सुपत्ती एम. के साथ मिलकर दिल्ली में पहला समूह बनाया और अखबारों में विज्ञापन दिए।

पहले भारतीय सदस्य: मुंबई के स्कूल टीचर हैरी एम. (हैरी मैथियास) ने यह विज्ञापन देखा और दिल्ली जाकर चार्ली से 12 कदमों का कार्यक्रम सीखा। उन्होंने 5 मई, 1957 से हमेशा के लिए शराब छोड़ दी। इसी वजह से 5 मई को A.A. इंडिया फाउंडर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इसके बाद हैरी एम. ने मुंबई लौटकर माहिम (विक्टोरिया हाई स्कूल) में मुंबई का पहला ग्रुप शुरू किया।

सहायता और संपर्क सूत्र (Helpline & Contact Details)
यदि आप या आपका कोई परिचित शराब की लत से परेशान है और मदद चाहता है, तो आप नीचे दिए गए नंबरों और पते पर संपर्क कर सकते हैं।

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फ्री हेल्पलाइन नंबर
+91 8358952222
+91 74709 91044
+91 90227 71011
आधिकारिक वेबसाइट: www.aagsoindia.org
सेंट्रल ईमेल: info@aagsoindia.org