सड़कों की मरम्मत अधूरी, गड्ढों से बढ़ा शहर में हादसों का खतरा
Tikamgarh News: शहर की सड़कों पर गड्ढों का संकट लगातार बढ़ रहा है। अंबेडकर चौराहे से नए बस स्टैंड और बैकुंठी से छजई मार्ग तक सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। बरसात के दौरान इन मार्गों से गुजरना वाहन चालकों के लिए खतरा बन गया है। हल्की सी चूक होने पर वाहन फिसल जाते हैं। पिछले दो महीने में इस मार्ग पर करीब 30 लोग सड़क हादसे का शिकार हो चुके हैं।
सड़क मरम्मत का काम बारिश से पहले शुरू हुआ था, लेकिन लापरवाही और देरी के कारण अधूरा छोड़ दिया गया। लगातार हो रही बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। टीकमगढ़-बैकुंठी से छतरपुर रोड बंधा तिगेला तक 58 किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए एमपीआरडीसी ने 13.4 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया था, लेकिन अब तक सिर्फ 18 किलोमीटर सड़क की मरम्मत हो पाई है। बारिश शुरू होते ही ठेकेदार ने काम रोक दिया और बाकी हिस्सों की हालत और खराब हो गई।
नगर पालिका ने अंबेडकर चौराहे से नए बस स्टैंड तक 1.62 करोड़ रुपए से 1.5 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण शुरू किया था। हालांकि बारिश के कारण केवल 500 मीटर हिस्से पर ही काम पूरा हो पाया। जहां गड्ढे ज्यादा थे, वहां मरम्मत पहले होनी चाहिए थी, लेकिन काम दूसरे हिस्से से शुरू किया गया और बीच में रोक दिया गया। अब पहले से डामर बिछाई गई सड़क भी उखड़ गई है।
हनुमान चालीसा मार्ग और पुराना बस स्टैंड से मामौन दरवाजा मार्ग पर भी सड़कें जर्जर हैं। भारी वाहन आवागमन और पाइप लाइन की समस्या के कारण सड़क उखड़ गई है। स्थानीय लोग खुद मिट्टी डालकर गड्ढे भरने को मजबूर हैं, लेकिन विभाग मरम्मत में देरी कर रहा है।
स्थानीय निवासी सवाल उठा रहे हैं कि बरसात से पहले क्यों मरम्मत नहीं की गई। लगातार दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी किसकी है और मरम्मत कब पूरी होगी, यह जनता के लिए अस्पष्ट है।
नए बस स्टैंड के आगे पानी भरने से सड़क की हालत और खराब हो रही है। इसके लिए पाइप बिछाकर जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाएगी और जैसे ही बारिश रुकती है, मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। सड़क की नमी समाप्त होते ही पहले गड्ढे भरे जाएंगे और फिर सड़क का डामरीकरण किया जाएगा।
इस स्थिति से स्पष्ट है कि देरी और लापरवाही के कारण सड़कें खतरनाक बनी हुई हैं। आवश्यक है कि संबंधित विभाग समय पर मरम्मत कार्य पूरा कराए ताकि वाहन चालक और पैदल यात्री सुरक्षित रह सकें।