Movie prime

टीकमगढ़ के विजय राघव मंदिर में 27 साल से चल रही रामलीला, वृंदावन की मिट्टी से सजता मंच

 

Tikamgarh News: टीकमगढ़ के विजय राघव मंदिर में पिछले 27 सालों से रामलीला का आयोजन लगातार हो रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मंदिर समिति की मेहनत और परंपराओं के प्रति निष्ठा का भी परिचायक है। रामलीला के पात्रों के परिधान, आभूषण, मुकुट और अन्य सामग्री सुरक्षित स्टोर रूम में रखे जाते हैं।

मंच, पंडाल और सजावट का पूरा प्रबंध मंदिर समिति स्वयं करती है। नए परिधान, कवच, कुंडल और माला विशेष रूप से मथुरा-वृंदावन से मंगवाए जाते हैं। रामलीला की एक अनोखी परंपरा यह है कि आयोजन से पहले समिति के सदस्य वृंदावन जाकर पवित्र मिट्टी लाते हैं, जिसका उपयोग मंच निर्माण में किया जाता है। पूजा अर्चना के बाद ही रामलीला आरंभ होती है।

रामलीला में अभिनय करने वाले युवा शहर और बाहर से आते हैं। लक्ष्मणजी का पात्र सौरभ खरे पिछले 27 साल से निभा रहे हैं और वह बैंगलुरू से केवल रामलीला के लिए टीकमगढ़ आते हैं। सीताजी का पात्र शुभम मिश्रा निभाते हैं, जो इंदौर में रहते हैं, लेकिन आयोजन के समय वापस आ जाते हैं।

यह परंपरा मंदिर और समुदाय की धार्मिक भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।