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भगवान कृष्ण के नाम से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर

 

Tikamgarh News: टीकमगढ़ जिले का मोहनगढ़ गांव अपनी ऐतिहासिक धरोहर मोहनगढ़ किले के कारण प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इस किले का नाम भगवान श्रीकृष्ण के उपनाम “मोहन” से लिया गया है। इस किले का निर्माण ओरछा के शासक उदोत सिंह ने कराया था। बुंदेली शैली की झलक लिए यह किला अपनी अनूठी वास्तुकला और मजबूत संरचना के लिए जाना जाता है।

किला एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है, जिसके सामने विशाल तालाब इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है। इसकी दीवारें और किलेबंदी इतनी मजबूत हैं कि यह हमलों से सुरक्षित माना जाता था। किले के अंदर भगवान विष्णु की एक अद्भुत प्रतिमा स्थापित है, जिसके साथ माता लक्ष्मी की विशाल मूर्ति भी दर्शनीय है। यही वजह है कि यह स्थान धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

मोहनगढ़ आज भी अपनी भव्यता और ऐतिहासिक पहचान बनाए हुए है, हालांकि समय के साथ इसके संरक्षण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उचित देखरेख न होने से धीरे-धीरे इसका स्वरूप प्रभावित हो रहा है। यदि समय पर संरक्षण कार्य नहीं हुआ, तो आने वाली पीढ़ियाँ इस धरोहर को पूरी तरह नहीं देख पाएंगी।

यहां की एक खासियत यह भी है कि मोहनगढ़ तहसील मुख्यालय होने के बावजूद अब तक नगर परिषद का दर्जा प्राप्त नहीं कर सका है। लगभग दो दशक पहले इसे तहसील बनाया गया था, लेकिन शहरी निकाय की प्रक्रिया अधूरी रह गई।

गांव की आबादी करीब 8,500 है और साक्षरता दर लगभग 80 प्रतिशत है। मुख्य आय का स्रोत कृषि है, जहाँ गेहूं, सोयाबीन, उड़द और मूंगफली की खेती अधिक होती है। जिला मुख्यालय से इसकी दूरी लगभग 37 किलोमीटर है, जबकि हाईवे से यह 18 किलोमीटर अंदर बसा है।

मोहनगढ़ किला न केवल इस क्षेत्र की पहचान है बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी बड़ी संभावना रखता है। यदि इसे विकसित किया जाए तो यह आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।