मध्यप्रदेश के तीन राज्यसभा सांसदों को हाई कोर्ट की चेतावनी, जवाब नहीं तो छिनेगा पक्ष रखने का अधिकार
जबलपुर, 05 नवंबर (इ खबर टुडे)। हाई कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव से जुड़ी चुनाव याचिका में भाजपा के तीन निर्वाचित सांसदों को जवाब पेश करने का अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवसर पर जवाब दाखिल नहीं किया गया तो उनका लिखित जवाब प्रस्तुत करने का अधिकार समाप्त कर दिया जाएगा।
मामला मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका से संबंधित
न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान यह निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 27 नवंबर को निर्धारित की है। मामला कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका से संबंधित है।
उम्मीदवारी का नामांकन निरस्त करना अनुचित
याचिका में भाजपा के निर्वाचित राज्यसभा सदस्य महेश केवट के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया में अपनी उम्मीदवारी का नामांकन निरस्त किए जाने को भी अनुचित बताया गया है। याचिका में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग और रजनीश कुमार अग्रवाल को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
नाम हटाने संबंधी आवेदन पर अलग से आदेश पारित किया जाएगा
इस पर कोर्ट ने कहा कि नाम हटाने संबंधी आवेदन पर अलग से आदेश पारित किया जाएगा। याचिका कर्ता मीनाक्षी नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता और अधिवक्ता राजीव मिश्रा ने पैरवी की।
मोहलत के बाद तीनों सांसदों के जवाब पर निगाहें रहेंगी
निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ उपस्थित हुए। बहरहाल, अब कोर्ट की ओर से दी गई अंतिम मोहलत के बाद तीनों सांसदों के जवाब पर निगाहें रहेंगी। 27 नवंबर को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि प्रतिवादियों ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया है या नहीं।

