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 शाजापुर में फैमिली ब्लैकमेलिंग गैंग का पर्दाफाश, बुजुर्ग से 33 लाख की वसूली

 
 

शाजापुर, 17 अप्रैल (ई खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार द्वारा संचालित ब्लैकमेलिंग गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। इस गैंग की खास बात यह है कि इसमें पत्नी सरगना थी, जबकि पति, बेटा और बहू मिलकर संगठित तरीके से लोगों को जाल में फंसाकर लाखों रुपए की उगाही करते थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग की मास्टरमाइंड पार्वती बैरागी सोशल मीडिया के जरिए पहले लोगों से दोस्ती करती थी। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर बातचीत बढ़ाने के बाद वह वीडियो कॉल करती और सामने वाले की रिकॉर्डिंग कर लेती। इसके बाद उसी वीडियो को वायरल करने और झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू की जाती थी।

गैंग में पार्वती का पति राजेंद्र बैरागी, बेटा शरद बैरागी और बहू संजना बैरागी भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। ये लोग पीड़ितों को डराने, उनके घर जाकर दबाव बनाने और नकद रकम वसूलने का काम करते थे।

70 वर्षीय बुजुर्ग बना शिकार
ताजा मामले में 70 वर्षीय रमेशचंद्र पाटीदार इस गैंग के झांसे में आ गए। मंदिर में मुलाकात के बाद पार्वती ने उनसे संपर्क बढ़ाया और बीमारी का बहाना बनाकर पैसे मांगे। बाद में वीडियो कॉल कर बातचीत रिकॉर्ड की गई और फिर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हो गया। आरोपियों ने वीडियो वायरल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी, जिससे डरकर बुजुर्ग ने करीब दो साल में 33 लाख रुपए दे दिए।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
थाना प्रभारी संतोष वाघेला के अनुसार, मामले की शिकायत मिलने पर शाजापुर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की और 11 अप्रैल को शुजालपुर से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लगभग 10 लाख रुपए नकद और एक कार बरामद की गई है। उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। हालांकि, कोर्ट में पेशी के बाद सभी आरोपियों को जमानत मिल गई। गैंग वर्ष 2023 से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।

गैंग का तरीका 
50 वर्ष से अधिक उम्र के सीधे-साधे लोगों को टारगेट करना। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर भरोसा जीतना। वीडियो कॉल कर रिकॉर्डिंग करना। वीडियो वायरल और झूठे केस की धमकी देना। नकद में किश्तों में पैसे वसूलना ताकि डिजिटल सबूत न बचे। 

सब-इंस्पेक्टर को भी बनाया निशाना
जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग ने एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को भी दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने की कोशिश की थी।

चेतावनी
यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर गंभीर चेतावनी भी है। अनजान लोगों से ऑनलाइन दोस्ती और वीडियो कॉल जैसी गतिविधियां आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती हैं।