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 सीबीएन ने पुणे में अत्याधुनिक एमडी निर्माण लैब का भंडाफोड़ किया

 मुख्य साजिशकर्ता उज्जैन और जोधपुर में छूपे बैठे थे, पकडे गए
 
 केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की ‘ऑपरेशन वज्र’ के तहत बडी कार्रवाई

 

ग्वालियर, 14 जुलाई (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की मध्य प्रदेश इकाई ने महाराष्ट्र के पुणे में मेफेड्रोन (एमडी) बनाने वाली एक उन्नत अवैध प्रयोगशाला का पर्दाफाश किया और ‘ऑपरेशन वज्र’ के अंतर्गत गिरोह के दो प्रमुख साजिशकर्ताओं को उज्जैन (मध्य प्रदेश) और जोधपुर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सीबीएन, नीमच के उप नारकोटिक्स आयुक्त कार्यालय की प्रिवेंटिव शाखा द्वारा ठोस खुफिया सूचना के आधार पर की गई।

जांच और समन्वित अभियान 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 के बीच चलाया गया। अभियान के दौरान सीबीएन अधिकारियों ने पुणे में अवैध एमडी निर्माण की एक हाई-टेक लैब का पता लगाते हुए वहां से उन्नत मशीनरी, प्रयोगशाला उपकरण, प्रीकर्सर रसायन तथा सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपकरण बरामद किए।

इस मामले में दो आरोपियों, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल हैं, को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई फरवरी 2026 में शुरू हुई जांच की अगली कड़ी है, जब सीबीएन नीमच ने मंदसौर में एक यात्री बस को रोककर 8.17 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया था। इसके बाद की तलाशी में महू के थावलाय क्षेत्र में एक अवैध प्रयोगशाला का पता चला, जहां से 43.82 किलोग्राम मेफेड्रोन, 261.32 किलोग्राम प्रीकर्सर रसायन और आधुनिक निर्माण उपकरण जब्त किए गए। 

लगातार खुफिया निगरानी और व्यापक अंतरराज्यीय जांच के आधार पर प्रिवेंटिव टीम ने फरार मास्टरमाइंड का पीछा किया, जो फर्जी पहचान पत्रों के सहारे कई राज्यों में ठिकाने बदल रहा था। गहन गुप्त अभियान के बाद 3 जुलाई 2026 की देर रात उज्जैन में उसे मध्य प्रदेश पुलिस के सहयोग से पकड़ लिया गया। विस्तृत जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने पुणे के भोसरी स्थित डिग्गी इलाके में एक और उन्नत एमडी निर्माण इकाई खड़ी की थी, जिसकी फंडिंग और समन्वय जोधपुर स्थित एक सह-साजिशकर्ता द्वारा किया जा रहा था। 

इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीबीएन की टीमों ने 9 जुलाई 2026 की देर रात पुणे और जोधपुर में एक साथ छापेमारी की, जिसमें दूसरे साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया गया और गुप्त प्रयोगशाला को ध्वस्त कर दिया गया। इस अभियान में उन्नत डिजिटल मशीनें, लैब उपकरण, भारी कांच सामग्री, प्रीकर्सर रसायन और सुरक्षा सामग्री जब्त की गई। ऑपरेशन वज्र की सफलता सीबीएन अधिकारियों की उच्च स्तरीय पेशेवर क्षमता, खुफिया-आधारित जांच और निर्बाध अंतरराज्यीय समन्वय को दर्शाती है। जब्त की गई सभी मशीनरी, उपकरण और रसायनों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत कब्जे में लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।