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40 दिन से टूटी पुलिया बनी हादसों का कारण, मां-बेटे की मौत से उठे सवाल

 

Chhatarpur News: महाराजपुर थाना क्षेत्र के राजनगर रोड पर पुतरी गांव के पास बुधवार की शाम दर्दनाक हादसा हुआ। यहां क्षतिग्रस्त पुलिया से बाइक सहित गिरने पर मां और बेटे की मौत हो गई। यह दुर्घटना इसलिए हुई क्योंकि 18 जुलाई को बारिश में पुलिया बह गई थी और तब से आज तक न तो इसकी मरम्मत हुई और न ही डायवर्सन रोड या संकेतक लगाए गए।

हादसे की पूरी घटना

राजनगर वार्ड 15 का 21 वर्षीय युवक रोहित अपनी 45 वर्षीय मां संध्या को बाइक पर बैठाकर महाराजपुर स्थित कारक देव मंदिर दर्शन करने जा रहा था। जैसे ही वे पुतरी गांव के पास पहुंचे, टूटी पुलिया से अचानक बाइक उछल गई और दोनों नीचे जा गिरे। ग्रामीणों ने शोर सुनकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी। शवों को अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया।

परिवार पहले से ही संकट में था। कुछ माह पहले ही रोहित के पिता की कैंसर से मौत हो चुकी थी और अब मां-बेटे की एक साथ मौत ने घर की स्थिति और अधिक दयनीय बना दी है। परिवार में केवल 14 वर्षीय एक बेटी बची है।

प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों-देखी

गांव के ही चंदू रजक ने बताया कि हादसे के समय वे खेत की ओर जा रहे थे। तभी पानी के तेज बहाव के बीच जोरदार आवाज सुनाई दी। देखने पर एक युवक और महिला पुलिया के पार गिरे दिखे। युवक बेहोश था, लेकिन महिला बोल रही थी कि "मैं ठीक हूं, पहले मेरे बेटे को बचा लो"। करीब 20 मिनट तक वह बेटे की चिंता जताती रही और फिर बेहोश हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक की रफ्तार तेज थी, टकराने के बाद वाहन 14 फीट नीचे गिर गया, जबकि मां-बेटे 20 फीट दूर जा गिरे।

परिवार का आरोप – यह हादसा नहीं हत्या

मृतकों के परिजनों का कहना है कि इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार विभाग है। उनका कहना है कि पुलिया टूटी होने के बाद भी यहां कोई चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड्स या डायवर्सन रोड नहीं बनाया गया। पुराने बेरिकेड्स भी किनारे पड़े थे। इसलिए यह हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई मौत है। परिजन प्रशासन और विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विभाग का पक्ष

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुलिया का नया निर्माण प्रस्तावित है और इसका अनुमान तैयार किया जा चुका है। ठेकेदार को साइट भी दिखा दी गई है, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा। उनका कहना है कि पहले अस्थायी रूप से बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने हटा दिया। अब दोबारा लगाकर रास्ता बंद किया जा रहा है ताकि आगे हादसे न हों।

अन्य मार्गों पर भी खतरा

सिर्फ यही पुलिया नहीं, बल्कि राजनगर और आसपास के कई मार्गों पर बारिश से सड़क और पुलिया बह गए हैं। देवगांव से देवरा, जटाशंकर, फना और दमोह जाने वाले रास्तों पर भी भारी नुकसान हुआ है। मरम्मत के नाम पर विभाग ने जगह-जगह बोल्डर डाल दिए हैं, जिससे बाइक फिसलकर दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में कोड़न गांव का एक युवक बोल्डर पर बाइक फिसलने से घायल हो गया। इसी तरह लवकुशनगर के पास संजय नगर टोल के पास भी सड़क बह गई थी, जहां गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया।

सवालों के घेरे में विभाग

लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद विभाग की लापरवाही ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि टूटी पुलिया और क्षतिग्रस्त सड़कों पर जल्द से जल्द डायवर्सन और संकेतक लगाए जाएं, क्योंकि बरसात खत्म होने तक मरम्मत की संभावना नहीं है।