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 मानवीयता को तार-तार करने वाली घटना सामने आई
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 डिप्रेशन में आई पत्नी को घर की तपती धूप में तीसरी मंजिल पर छोडा पति ने
 
 महिला बाल विकास एवं पुलिस के साथ सामाजिक कार्यकर्ता ने करवाया रेस्क्यू
 

नीमच/उज्जैन, 17 अप्रैल (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। नीमच जिले से मानवीयता को तार-तार करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां के इंदिरानगर में एक पति ने डिप्रेशन में आई पत्नी को मकान की खुली तीसरी मंजिल पर 40 डिग्री तापमान में खुला छोड दिया था। महिला को सामाजिक कार्यकर्ता की सूचना पर महिला बाल विकास विभाग एवं पुलिस ने रेस्क्यू करवाकर जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया है।

आग उगलते सूर्य की गर्मी के दौरान महिला मात्र कुछ वस्त्रों में तीन मंजिला मकान की खुली छत पर लेटी हुई थी। सन बर्न से उसकी चमडी काली पड गई थी। नीमच जिला मुख्यालय के इंदिरा नगर में भगवानपुरा रोड पर जो नजारा सामने आया वो दिल दहला देने वाला है। रेस्क्यू के दौरान 40 वर्षीय सीमा सोनी का शरीर कंकाल की हालत में नजर आ रहा था। ना तन पे कपड़े, ना पेट में खाना और ऊपर से झुलसाती धूप। तीसरी मंजिल की खुली छत पर खाट पर पड़ी यह महिला मानो जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। 

महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव का कहना था कि महिला बाल विकास विभाग एवं नीमच सिटी पुलिस की टीम ने मिलकर इस रेस्क्यू को अंजाम दिया है। दुरभाष पर सूचना मिली थी की एक महिला को बहुत दयनीय स्थिति में रखा गया है। यहां पर हमने टीम के साथ आए। हमने यहां पर पूरी जांच की। सूचना के साथ जो विडियो मिले थे वे भी सही पाए गए। महिला बहुत दयनीय स्थिति में थी। महिला का नाम सीमा सोनी है। वो बिल्कुल खुली छत के बाहर लेटी हुई थी। ऐसी स्थिति थी कि उसके शरीर पे कपड़े भी नहीं थे। केवल एक कंबल ढका था। उनके पति का ऐसा कहना था कि वह काफी समय से डिप्रेशन में हैं। इसलिए वह खुद का ध्यान नहीं रख पाती हैं। अभी उनका ऐसा कहना है कि हमारे मकान का कंस्ट्रक्शन काम चल रहा है। इसलिए हमने उनको वहां पर रखा था। महिला को सिविल हॉस्पिटल में उपचार के लिए रखा गया हैं। उसके बाद जहां भी अगर उनके हस्बैंड यहां पर रखेंगे। उनकी उचित देखभाल करेंगे तो उसे यहां पर रखेंगे। अन्यथा हम जहां पर भी उनके लिए उचित व्यवस्था होगी वहां पर रखा जाएगा।

इस पूरे मामले की गोपनीय सूचना समाजसेवी मीनू लालवानी तक पहुंची थी। समाजसेवी मीनू लालवानी का कहना था कि महिला के शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। सबसे पहले उसे ढका गया। फिर खाना खिलाया गया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी को हमने महिला बाल विकास विभाग की डीपीओ एवं सिटी थाने से पुष्पा चौहान को सूचित किया था। पति का कहना था कि वो डिप्रेशन में थी। उन्होंने 10 साल से उनका इलाज भी बंद करवा रखा था। तो उन्होंने ऐसा क्यों किया इसकी अभी पूरी जांच होगी। बाकी जब हम लोग पहुंचे तो वो महिला बार-बार भोजन मांग रही। हम लोगों ने उसको नाश्ता और वह सब दिलवाया तो उसने दो-तीन बार नाश्ता भी खाया। उसे बार-बार भूख लग रही थी।