नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जीतने के बाद पहली दिवाली मनाने बस्तर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,जवानो को दिया जीत का श्रेय
बस्तर,8 नवंबर(इ खबर टुडे) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के मौके पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में कहा कि आज नक्सल का आतंक खत्म हो चुका है और इसका श्रेय देश के वीर जवानो को जाता है। आज बस्तर में विकास की बहार शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि मैं दीपावली मनाने आपके बीच बस्तर के जंगलों में आया हूं. पीएम मोदी इस बार दिवाली मनाने सुरक्षाबलों के बीच बस्तर पहुंचे। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पर निशाना भी साधा. पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों को सुरक्षाबलों की फिक्र नहीं थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज पूरा देश, दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय प्रकाश का पावन पर्व मना रहे हैं। दूर-दूर से लोग आपने घर पहुंच रहे हैं. परिवार और परिजनों के साथ मिलने जुलने का ये एक बड़ा महोत्सव होता है और मैं भी दिवाली मनाने आपके बीच पहुंच गया हूं।
जवानों के साथ हर दिवाली रही यादगार - पीएम मोदी
उन्होंने कहा, 'सीमा पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले, राष्ट्र के प्रहरी, मां भारती के वीर, आप सब बेटे-बेटियां, मेरे परिजन हैं। आप सब मेरे परिवार का हिस्सा है। हिमालय की गोद में कारगिल से लेकर लेपचा तक, समंदर किनारे सर क्रीक से लेकर समंदर की गोद में INS विक्रांत तक वीर जवानों के साथ हर दिवाली मेरे लिए यादगार रही है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'ये एक असाधारण उपलब्धि है. इसका बहुत बड़ा श्रेय आपका है। आप जैसे लाखों वीरों का, जवानों का और सुरक्षाकर्मियों का है। इसलिए आज मैं आपके साथ दीवाली मनाने आया हूं और 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार भी व्यक्त करने आया हूं। '
पहली दिवाली जब नक्सवाद के खिलाफ जीत चुके लड़ाई - प्रधानमंत्री मोदी
उन्होंने कहा, 'साल 2026 की ये दीवाली वाकई विशेष है! ये पहली दीवाली है- जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। ये पहली दीवाली है- जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। ये पहली दीवाली है- जब करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय को परास्त कर चुके हैं। '
प्रधानमंत्री ने कहा, 'माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ ये लड़ाई आसान नहीं थी। एक समय था, जब देश के करीब 20 राज्यों में 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। शाम होने के बाद वहां जीवन ठहर जाता था. लोगों से उनका वोट डालने का अधिकार भी इन नक्सलियों ने छीन लिया था। '
उन्होंने कहा, 'बिहार, महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा वामपंथी उग्रवाद की चपेट में था। हजारों गांव, करोड़ों की आबादी। एक साल में 2-2 हजार तक नक्सली हमले. 2010 में यहीं पास ही दंतेवाड़ा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। 2010 में ही, दंतेवाड़ा में ही एक और घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या हुई थी। '
पीएम मोदी ने कहा, 'ये धरती हमारे वीरों के रक्त से अभिशप्त हो गई थी। लेकिन महलों में रहने वाले किसी भी नामदार की सिसकी नहीं सुनाई दी। किसी भी नामदार की आंखों से एक भी आंसू नहीं निकला। दशकों तक ये सिलसिला चलता रहा। इस दौरान छत्तीसगढ़ में ही 1 हजार से ज्यादा जवानों का बलिदान हुआ। IED के विस्फोटों में कितने ही जवानों को अपने हाथ-पैर गंवाने पड़े। '

