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 प.बंगाल में ममता का आखरी किला भी ढहा,फाल्टा उपचुनाव में भाजपा बंपर जीत की ओर

 
 

फालटा(प.बंगाल),24 मई (इ खबरटुडे)। पश्चिम बंगाल में ममता दीदी का आखरी किला भी ढह गया है। फालटा विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए पुनर्मतदान के बाद चल रही मतगणना में भाजपा प्रत्याशी बंपर जीत की ओर बढ रहा है,जबकि मतदान से दो दिन पहले चुनावी मैदान से हटे टीएमसी प्रत्याशी जहागीर खान को नाममात्र के वोट मिल रहे हैैं।

निर्वाचन आयोग के आंकडों के मुताबिक फालटा विधानसभा सीट के लिए जारी मतगणना में पांच राउण्ड की गिनती के बाद भाजपा प्रत्याशी देबान्शु पाण्डा को कुल 30562 मत मिले है और उन्होने अपने निकटतम प्रत्याशी सीपीआई एम के शंभूनाथ कुर्मी से 14514 मतों की निर्णायक बढत बना ली है। जबकि आखरी वक्त में चुनाव से हटे टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान को मात्र 1685 मत प्राप्त हुए है। समाचार लिखे जाने तक मतगणना जारी है।

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट को लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।  यह इलाका डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां से टीएमसी सांसद और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी सांसद हैं।  इस सीट पर टीएमसी की पकड़ मजबूत होने की बड़ी वजह बाहुबली छवि वाले नेता जहांगीर खान का प्रभाव माना जाता था।  लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके है। टीएमसी प्रत्याशी  जहांगीर खान ने आखरी वक्त पर  चुनावी मैदान छोड़ दिया और टीएमसी ने इस सीट पर अपनी पकड़ पूरी तरह से गँवा दी। 

कुछ ही दिनों में बदल गया पूरा माहौल

29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हुआ था, जिसमें फाल्टा सीट भी शामिल थी।  उस समय पूरे इलाके में टीएमसी के झंडे और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता साफ दिखाई दे रही थी।  लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात पूरी तरह बदल गए।  पूरे विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी का एक भी झंडा दिखाई नहीं दे रहा था।  इससे साफ संकेत मिल रहे थे कि पार्टी की पकड़ इस सीट पर कमजोर हो चुकी  है। 

चुनाव से हटने के बाद गायब हुए जहांगीर खान

फाल्टा सीट पर प्रभाव रखने वाले जहांगीर खान चुनाव से हटने के बाद इलाके से भी नदारद हो गए थे।  बताया जा रहा है कि गुरुवार को हुए मतदान में भी वह शामिल नहीं हुए थे।  स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्हें आखिरी बार मंगलवार को देखा गया था।  खास बात यह है कि उसी दिन उन्होंने चुनाव मैदान छोड़ने का फैसला लिया था। 

अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं खान

जहांगीर खान को डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है।  साल 2024 के लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र में टीएमसी को 89 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे।  लेकिन जैसे ही खान ने चुनाव से नाम वापस लिया, टीएमसी ने इससे दूरी बना ली और इसे उनका निजी फैसला बताया। 

पुनर्मतदान में हुई बंपर वोटिंग

गुरुवार को फाल्टा सीट पर शांतिपूर्ण तरीके से पुनर्मतदान कराया गया था।  इस दौरान 86 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया।  मतदान के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी।  दरअसल, 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आई थीं।  आरोप था कि ईवीएम मशीनों पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थी।  विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था। 

भवानीपुर सीट भी गंवा चुकी हैं ममता

इससे पहले 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा था।  उन्हें वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।  इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से हार चुकी हैं।